अमेठी। खरीफ सीजन में किसानों का निर्धारित समर्थन मूल्य पर धान खरीद करने के लिए जिला प्रशासन ने 12 एजेंसी के कुल 61 क्रय केंद्रों का अनुमोदन किया था। अनुमोदन के बाद 10 एजेंसी के 51 क्रय केंद्र की स्थापना हो सकी है। स्थापित क्रय केंद्रों पर 19 दिन बीत जाने के बावजूद भी विपणन व पीसीएफ के अलावा अन्य एजेंसी के क्रय केंद्रों की अब तक बोहनी तक नहीं हो सकी है।
फसल समर्थन मूल्य पर किसानों की धान फसल खरीदने के लिए शासन के निर्देश पर डीएम अरुण कुमार ने 12 एजेंसी के 61 केंद्रों का अनुमोदन करते हुए 15 अक्टूबर से धान खरीद शुरू करने का निर्देश दिया था।
निर्देशों के बावजूद जिले में विपणन शाखा के 11, पंजीकृत समिति व मल्टी सेक्टोरल नेकाफ के चार-चार, पीसीएफ के 26, यूपी एग्रो के तीन, मंडी परिषद व भारतीय खाद निगम के दो-दो क्रय केंद्र ही स्थापित हो सके हैं। स्वीकृत कल्याण निगम के चार केद्रों की अब तक स्थापना नहीं हुई तो यूपीएसएस एजेंसी शासन स्तर से स्वीकृति नहीं होने के कारण छह क्रय केंद्र स्थापित नहीं हो सके हैं।
स्थापित क्रय केंद्रों पर लक्ष्य निर्धारित होने के बावजूद अधिकांश क्रय केेंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है तो विपणन व पीसीएफ को छोड़कर अन्य एजेंसी की अब तक बोहनी नहीं हो सकी है। विपणन विभाग की ओर से जारी आंकडों को आधार मानें तो 19 दिन बीत जाने के बावजूद विपणन शाखा के क्रय केंद्रों पर 63 किसानों से 210.88 एमटी तो पीसीएफ के क्रय केंद्रों पर सात किसानों से 38.76 एमटी धान खरीदा गया है।
जो निर्धारित लक्ष्य 1.10 एमटी का 0.46 प्रतिशत है। धान खरीद की गति धीमी होने के पीछे जिम्मेदार फसल तैयार नहीं होना बता रहे हैं तो क्रय की गति से लक्ष्य का पूरा होना अंसभव भी प्रतीत हो रहा है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी भीमाचंद गौतम ने बताया कि अभी फसलों का कटान पूरा नहीं हुआ है जिसके कारण क्रय केंद्रों पर अभी किसानों की आमद नहीं हो रही है। क्रय केंद्रों पर खरीद के लिए तैयारी पूरी की जा चुकी है। किसानों के केंद्र पर आते ही खरीद शुरू हो जाएगी।
धान क्रय की जिला प्रभारी एडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने सभी एजेंसियों के जिला प्रभारियों को खरीद में तेजी लाने का निर्देश दिया है। कहा है कि लक्ष्य पूरा न होने की स्थिति में उनकी लापरवाही से शासन को अवगत कराते हुए विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।