अमेठी सिटी। जिले में हाईवे के साथ ही अन्य मार्गों पर स्थित छह जर्जर छोटे पुलों को दुरुस्त बनाया जाएगा। लोक निर्माण विभाग की तरफ इन छोटे पुलों की मरम्मत कार्य के प्रस्ताव को शासन ने मंजूरी दी है। इस कार्य पर 1.20 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च होगी। इससे दो लाख की आबादी का आवागमन सुगम बन सकेगा।
कार्ययोजना के तहत जिले से गुजरने वाले मुसाफिरखाना-अमेठी दुर्गापुर हाईवे पर अलग-अलग स्थानों पर पुराने व जर्जर दो छोटे पुल और भेटुआ के कोटवा संपर्क पर नाले पर बने पुल के साथ ही पहुंच मार्ग की मरम्मत का कार्य होगा। इसके साथ ही संग्रामपुर के करनाईपुर के जगतीपुर स्थित मालती नदी के पुल व भादर-अंतू मार्ग स्थित जर्जर पुल को भी सुरक्षित बनाने का कार्य होगा। बीते लंबे समय से इन बदहाल छोटे पुलों की मरम्मत कराने की मांग क्षेत्रीय जनता द्वारा की जा रही थी। करीब 30 से 40 साल पहले बने यह छोटे पुल देखभाल न होने से जर्जर व बदहाल हालत में पहुंच चुके हैं। किसी के पिलरों में दरार आ गई है तो किसी की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे लोगों को जान हथेली पर रखकर आवागमन के लिए विवश होना पड़ रहा था।
क्षेत्रीय लोगों की परेशानी को देखते हुए बीते दिनों लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड ने इन बदहाल पुलों की मरम्मत पर खर्च होने वाली धनराशि के स्टीमेट का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था। बजट राशि स्वीकृत होने के बाद विभाग ने मरम्मत से जुड़े काम की निविदा प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
मालती नदी पर 1992 में हुआ था निर्माण
अमेठी। संग्रामपुर के ठेंगहा-टीकरमाफी संपर्क मार्ग के तिवारीपुर गांव मजरे करनाईपुर मे मालती नदी पर क्षेत्र में आवागमन बेहतर बनाने के लिए 1992 में नए पुल का निर्माण कराया गया था। इसके बाद अब तक पुल की मरम्मत नहीं कराई गई। इससे पुल के दोनों ओर की रेलिंग वाहनों की टक्कर से टूट चुकी है। इतना ही नहीं संग्रामपुर थाना क्षेत्र के शंकरपुर निवासी लल्लू वनवासी की पांच वर्षीय पुत्री की रेलिंग न होने के कारण जुलाई 2020 में पुल से नीचे गिर जाने से मौत तक हो चुकी है।
शासन से बजट स्वीकृत के बाद मरम्मत कार्य पर खर्च होने वाली धनराशि भी जारी हो गई है। इसके चलते कराए जाने वाले कार्यों की टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। भरोसा है कि दो माह में प्रस्तावित छोटे पुलों व पहुंच मार्ग की मरम्मत का कार्य मानक के अनुसार पूरा करवा लिया जाएगा।
शैलेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी, प्रांतीय खंड