अमेठी सिटी। बेनीपुर गांव में युवती के हत्यारोपियों को मंगलवार को कोर्ट ने सजा सुनाई। इन्हीं आरोपियों ने इस केस की अंतिम सुनवाई के दिन पीड़ित परिवार पर कहर ढा दिया था। दबंगों ने घर में घुस कर युवती के पिता, दो भाइयों व मां को जख्मी कर दिया था। इसमें उसके एक भाई की भी जान चली गई। हालांकि इस मामले में भी पुलिस ने 14 लोगों के खिलाफ केस दर्ज करते हुए सात लोगों को जेल भी भेज दिया है। अन्य की तलाश कर रही है।
अमेठी थाने के बेनीपुर गांव निवासी कमाल शाह और पूर्व प्रधान हकीमुददीन उर्फ बच्चा के परिवार के बीच पुरानी रंजिश थी। करीब 10 वर्ष पूर्व 25 जुलाई 2014 को दोनों परिवारों के बीच मारपीट हुई थी। क्षेत्र के बेनीपुर गांव निवासी कमाल शाह की पुत्री राबिया उर्फ निक्की (20) के साथ गांव के ही आठ अभियुक्तों ने अभद्रता की थी। आरोपियों ने राबिया के घर पर धावा बोल दिया था और लाठी, डंडा व सरिया से पीट-पीटकर राबिया की हत्या कर दी थी।
इस वारदात में पिता कमाल शाह ने हकीमुददीन उर्फ बच्चा व उसके भाइयों सहित कई लोगों को नामजद किया था। मामला सुल्तानपुर न्यायालय में विचाराधीन था। 30 अगस्त को मामले की अंतिम सुनवाई थी। इसी दिन पुत्री के हत्यारोपियों ने कमाल शाह के परिवार पर फिर से हमला कर दिया था। दबंगों ने कमाल शाह के परिवार को घर से लेकर सड़क तक दौड़ा कर लाठियों व धारदार हथियार से जख्मी कर दिया था।
इस हमले में कमाल शाह, इनके पुत्र मकसूद राना व महमूद राना, पत्नी शायरा बानों गंभीर रूप से जख्मी हो गईं थी। मामले में कमाल शाह की बहू तराना बेगम ने हकीमुद्दीन उर्फ बच्चा, इमामुद्दीन उर्फ पप्पू, निजामुद्दीन, कमालुद्दीन, रियाजुद्दीन, जावेद, मासूक, शोएब, फिरोज, शहबाज, निशा अंजुम, शकीला बानो, शबीना व कमालुद्दीन की पत्नी अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस इनकी तलाश कर रही थी। इसी बीच घटना के दूसरे दिन उपचार के दौरान मकसूद राना की मौत हो गई थी, जबकि कमाल शाह का अभी भी उपचार चल रहा है।
आरोपियों का खौफ इतना है कि उपचार के बाद महमूद राना स्वस्थ होकर अब रिश्तेदार के घर पर रह रहा है। हालांकि मामले में पुलिस ने हकीमुद्दीन उर्फ बच्चा, मासूक, निजामुददीन, निशा अंजुम, शकीला बानो व शबीना के साथ कमालुद्दीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जबकि, पुलिस अभी अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
बहन के दोषियों की सजा नहीं सुन पाया मकसूद
अमेठी सिटी। 10 साल पहले बहन के हत्यारोपी को सजा दिलाने की तमन्ना पाले मकसूद राना को भी बहन के हत्यारोपियों से ही मौत मिल गई। मंगलवार को कोर्ट ने हकीमुद्दीन उर्फ बच्चा, निजामुद्दीन, कमालुद्दीन, मासूक व जावेद को सश्रम आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई है। मकसूद राना अपनी बहन के हत्यारों की सजा देख नहीं पाया। परिवार बेटी के न्याय मिलने से पहले बेटे को खोने के गम में डूबा है। अस्पताल में भर्ती कमल शाह को सजा होने की बात पता चली तो चेहरे पर खुशी के साथ बेटे को खोने का गम भी नजर आया।