अमेठी सिटी। साहब...इफको केंद्रों और समितियों पर डीएपी नहीं मिल रही है, धान की रोपाई कैसे हो। जिले के अधिकांश किसानों का प्रशासनिक अफसरों से यही प्रश्न है। खाली गोदामों का चक्कर काटकर मायूस लौटना पड़ रहा है। किसान डीएपी के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गौरीगंज के माधौपुर स्थित साधन सहकारी समिति पर सोमवार देर शाम 200 बोरी डीएपी पहुंची थी। मंगलवार दोपहर समिति पर मिले अमेठी निवासी किसान रोहित पांडेय ने बताया कि कई दिनों का चक्कर काटने के बाद आज यहां डीएपी वितरण होने की जानकारी मिली। दो बोरी डीएपी लेनी है। बेलखौर निवासी सोना देवी ने बताया कि कई दिनों का चक्कर काटने के बाद आज उन्हें एक बोरी डीएपी मिल पाई। माधवपुर निवासी ओम प्रकाश ने बताया कि एक बोरी डीएपी मिल गई।
रोहसी खुर्दवां निवासी सीता देवी ने बताया कि दो बोरी डीएपी पर एक बोतल नैनाे यूरिया दी जा रही है। ऐसे में उन्हें नैनो यूरिया मजबूरन लेनी पड़ी। सचिव संजय द्विवेदी ने बताया कि दो बोरी डीएपी पर एक बोतल नैनो यूरिया व तीन बोरी डीएपी पर एक बोतल नैनो डीएपी दी जा रही है।
केंद्र और समितियों के चक्कर लगा रहे किसान
भादर/अमेठी/संग्रामपुर (अमेठी)। संग्रामपुर इफको केंद्र पर मंगलवार को एक ट्रक यूरिया पहुंची थी। केंद्र पर डीएपी नहीं है। केंद्र पर मिले किसान अरुण सिंह व सुरेश ओझा ने बताया कि डीएपी नहीं मिलने से धान की रोपाई पिछड़ रही है। केंद्र प्रभारी चमन लाल वर्मा ने बताया कि इस समय केंद्र पर सिर्फ यूरिया उपलब्ध है। भादर के ढ़ेमा, खरगपुर सहित अन्य साधन सहकारी समिति पर डीएपी नहीं है। किसान राणा सिंह, राम अचल यादव, राजेश सिंह ने बताया कि बगैर डीएपी के धान की रोपाई करनी पड़ रही है। ढ़ेमा सचिव प्रमोद कुमार शुक्ल व खरगपुर सचिव भास्कर ने बताया कि मांग की गई है। अमेठी स्थित इफको केंद्र खेरौना समिति पर डीएपी नहीं होने से किसान मायूस होकर लौटे। सहकारी विकास संघ जगदीशपुर में पसरा सन्नाटा पसरा रहा। सचिव राजेश कुमार यादव ने बताया कि डीएपी एक सप्ताह से नहीं मिली है। गोदाम खाली होने से किसान नहीं दिखे।
आज पहुंच जाएगी रैक
जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि रायबरेली से मिली डीएपी तिलोई, सिंहपुर व बहादुरपुर स्थित समितियों पर भेजी जा रही है। आठ समितियों पर डीएपी पहुंच गई है। बुधवार को इफको डीएपी की रैक गौरीगंज पहुंच जाएगी। बृहस्पतिवार तक सभी समितियों व केंद्रों पर डीएपी पहुंचने की उम्मीद है।