जगदीशपुर। सिंदुरवा रेलवे स्टेशन के पास इंडोरामा उर्वरक इकाई की साइडिंग लाइन पर बेपटरी हुए सात डिब्बों के बाद करीब 26 घंटे तक चला राहत एवं बहाली अभियान रविवार सुबह पूरा हो गया। ट्रैक की तकनीकी जांच और सुरक्षा परीक्षण सफल रहने पर सुबह 7:50 बजे मालगाड़ी को काॅशन पर इंडोरामा फैक्टरी के लिए रवाना किया गया। इसके साथ ही साइडिंग लाइन पर दोबारा परिचालन शुरू हो गया।
शनिवार सुबह हादसे के बाद रेलवे ने विशेष क्रेन, दुर्घटना राहत यान, तीन इंजनों और इंजीनियरिंग टीम की मदद से देर रात करीब साढ़े 12 बजे सभी सातों डिब्बों को दोबारा पटरी पर चढ़ाकर सिंदुरवा स्टेशन तक पहुंचाया। इसके बाद क्षतिग्रस्त ट्रैक, पॉइंट संख्या-80 और कंक्रीट स्लीपरों की मरम्मत पूरी रात चलती रही। ट्रैक की ज्यामिति, रेल पटरियों और अन्य तकनीकी मानकों की जांच के बाद इसे संचालन के लिए सुरक्षित घोषित किया गया।
सुरक्षा के मद्देनजर मालगाड़ी को क्षतिग्रस्त हिस्से से लगभग दो किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजारा गया। ट्रायल सफल रहने के बाद रैक को इंडोरामा फैक्टरी भेजा गया। स्टेशन अधीक्षक अनिल कुमार के अनुसार हादसा केवल साइडिंग लाइन तक सीमित रहा, इसलिए मुख्य रेलमार्ग पर यात्री और अन्य मालगाड़ियों का संचालन पूरे समय सामान्य बना रहा। हालांकि बहाली कार्य के दौरान कमरौली रेलवे क्रॉसिंग कई घंटे बंद रहने से सड़क यातायात प्रभावित रहा। ट्रैक सुरक्षित घोषित होने के बाद क्रॉसिंग खोल दी गई और आवागमन सामान्य हो गया।
तीन इंजनों से पटरी पर चढ़े सातों डिब्बों
बेपटरी हुए डिब्बों को हटाने के लिए रेलवे ने विशेष क्रेन, दुर्घटना राहत यान और तीन रेल इंजनों का इस्तेमाल किया। संयुक्त अभियान के दौरान देर रात सभी सातों डिब्बों को सुरक्षित तरीके से पटरी पर चढ़ाकर सिंदुरवा स्टेशन तक लाया गया। इसके बाद ट्रैक की मरम्मत का काम शुरू हुआ।
काॅशन पर जारी रहेगा संचालन
रेलवे ने साइडिंग लाइन पर स्थायी मरम्मत पूरी होने तक काॅशन लागू रखा है। फिलहाल मालगाड़ियां क्षतिग्रस्त हिस्से से लगभग दो किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरेंगी। इंजीनियरिंग टीम लगातार ट्रैक की निगरानी करेगी और पूरी तरह संतोषजनक स्थिति मिलने के बाद ही सामान्य गति से संचालन होगा।
कई घंटे बंद रही कमरौली रेलवे क्रॉसिंग
बहाली अभियान के दौरान कमरौली रेलवे क्रॉसिंग कई घंटे बंद रखी गई। इससे दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं और लोगों को इंतजार करना पड़ा। मरम्मत कार्य पूरा होने और मालगाड़ी के सुरक्षित गुजरने के बाद रेलवे ने क्रॉसिंग खोल दी, जिससे सड़क यातायात सामान्य हो गया।