अमेठी। पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति और उनकी करीबी महिला गुड्डा देवी के आवास पर ईडी की छापेमारी के दूसरे दिन शुक्रवार को सन्नाटा पसरा रहा। दिनभर ईडी के छापेमारी की चर्चा होती रही। परिजन इस मामले में बोलने से कतराते रहे। हालांकि छापेमारी के दौरान बीमार हुईं विधायक महराजी प्रजापति की सेहत में सुधार की बात कही जा रही है। साथ ही लखनऊ ले जाए गए पूर्व मंत्री के बेटे अनुराग को ईडी ने रात में छोड़ दिया।
वर्ष 2012 में विधायक बनकर सपा सरकार में मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति और करीबी गुड्डा देवी के आवास पर बृहस्पतिवार को प्रयागराज और लखनऊ की ईडी टीम ने करीब 12 घंटे से अधिक समय तक छापेमारी की थी। दूसरे दिन शुक्रवार को पूर्व मंत्री के आवास पर सिर्फ नौकर ही घर में रहे। वहीं गुड्डा देवी के गंगागंज स्थित आवास पर बाहर से ताला लगा रहा।
गुड्डा देवी के आवास पर ईडी के अफसरों ने नोट गिनने वाली दो मशीनें मंगवाई थीं। इसे लेकर चर्चा रही कि कितना कैश, आभूषण व अन्य क्या बरामद हुआ। वहीं पूर्व मंत्री के आवास पर भी ईडी को मिले अभिलेखों व अन्य की जानकारी लेने के प्रयास में लोग लगे रहे। पूर्व मंत्री के बेटे अनुराग प्रजापति के लखनऊ जाने पर भी चर्चा होती रही। हालांकि परिजन इस पर कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं थे कि ईडी ने क्या कार्रवाई की है।
परिजनों के साथ लखनऊ गईं विधायक
बृहस्पतिवार को ईडी ने जांच कार्रवाई पूर्ण करने के बाद शाम करीब सवा छह बजे पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के छोटे बेटे अनुराग प्रजापति को हिरासत में लेकर लखनऊ चली गई थीं। वहीं, पूर्व मंत्री की पत्नी व सपा विधायक महराजी प्रजापति की तबीयत खराब थी। जिन्हें सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजनों के अनुसार देर रात ईडी ने अनुराग प्रजापति को छोड़ दिया। तबीयत ठीक होने के बाद विधायक बेटे अनुराग प्रजापति के साथ आवास विकास कॉलोनी स्थित आवास पर देर रात पहुंचीं। वहां से विधायक अपनी बीमार पुत्री सुधा प्रजापति और अनुराग व उनकी पत्नी पूजा को साथ लेकर लखनऊ निकल गईं।
पहले ठेकेदारी करते थे गायत्री प्रजापति
पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति शहर से सटे परसावां गांव के मूल निवासी हैं। बाद में शहर स्थित आवास विकास कॉलोनी के स्थायी निवासी बने। गायत्री प्रसाद प्रजापति पहले बिल्डिंगों में पेंटिंग करते थे। इसके बाद उन्होंने पेंटिंग के काम की ठेकेदारी शुरू कर दी। साथ ही बाद में प्रॉपर्टी का कारोबार करने लगे। वर्ष 1993 व 2002 में विधानसभा का चुनाव लड़े, जिसमें हार गए। वर्ष 2012 में गायत्री प्रसाद प्रजापति ने सपा से चुनाव जीता। सपा सरकार में पहले वह सिंचाई राज्य मंत्री बनाए गए। बाद में उन्हें भू-तत्व एवं खनिकर्म विभाग का कैबिनेट मंत्री बनाया गया। इसके बाद खनन घोटाले का मामला सामने आने के बाद उन्हें हटा दिया गया था। बाद में दोबारा से उन्हें परिवहन मंत्री बनाया गया था। बाद में उन्हें एक मामले में 15 मार्च 2017 को गिरफ्तार कर लिया गया। कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद से वर्तमान में वह जेल में बंद हैं। इस दौरान सीबीआई और ईडी ने उनके साथ सहयोगियों के यहां छापेमारी की है।