अमेठी सिटी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में क्षतिग्रस्त पुल को शामिल किए बगैर टेंडर पास करने पर लोगों का आक्रोश दिख रहा है। लोगों ने पुल को भी कार्ययोजना में शामिल करने व गुणवत्तापूर्ण कार्य कराने की मांग की है। करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सात किलोमीटर की इस सड़क का काम रुका है।
जामों क्षेत्र के गोगमऊ, नहर कोठी से बरौलिया तक सड़क निर्माण का कार्य प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में किया जा रहा है। इसे एफडीआर यानी फुल डेप्थ रिसाइकिलिंग तकनीक से निर्मित किया जाना है। इस तकनीक में पुरानी सामग्री को भी निर्माण कार्य में प्रयोग किया जाना है। पुरानी सड़क की 15 सेंटीमीटर गिट्टी व नई सड़क में 15 सेंटीमीटर मिलाकर कुल 30 सेंटीमीटर गिट्टी का प्रयोग किया जाना है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क क्षतिग्रस्त होने से मौके पर बहुत कम गिट्टी बची है। ऐसे में कम सामान से निर्माण करने पर सड़क कमजोर हो सकती है।
कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता हरिओम ने बताया कि सड़क की डीपीआर स्थानीय स्तर पर नहीं बनाई गई है। एक एजेंसी के माध्यम से सर्वे कार्य कराया गया है। ऐसे में गुणवत्तापूर्ण निर्माण की अड़चनों पर नए सिरे से कार्य कर इसे ठीक किया जाएगा। ग्रामीण अभिजीत प्रताप, राज भवन, गंगाराम, श्याम लाल, उदयराज, धीरेंद्र प्रताप सिंह, सोनू सिंह आदि ने डीएम से मिलकर मामले की शिकायत की है। डीएम ने मामले के निस्तारण के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है।
चार क्षतिग्रस्त पुल कार्ययोजना से बाहर
गोगमऊ से बरौलिया तक जाने वाली सड़क पर मुख्य रूप से गोगमऊ, रामगढ़ी, बक्शगढ़, बरौलिया आदि गांव आते हैं। पूरे लाल साहब व रामगढ़ी के बीच स्थित जल निकासी पुल टूट चुका है। इसे कार्ययोजना में शामिल नहीं किया गया है। वहीं रामगढ़ी और पूरे भिखई सोनार के पास भीखीपुर ड्रेन पर निर्मित पुल टूटने की बात ग्रामीणों ने बताई। ग्रामीणों के अनुसार बरौलिया माइनर व हरकरनपुर का पुल भी क्षतिग्रस्त है। इसे डीपीआर में शामिल करने की मांग की गई है।