अमेठी। फसलों की सुरक्षा के लिए चलन में आई झटका मशीन के दुष्परिणाम किसानों को परेशान करने लगे हैं। पहले करंट से मौतें हो रही थीं और अब बैटरी फटने की घटना ने दहशत फैला दी है।
जानकारों ने बताया कि इन मशीनों में हाई पावर की सूखी बैटरी का प्रयोग होता है, जिन्हें खेतों में लगाया जाता है। सीवान में बिजली की सुविधा कम होने के कारण किसान बैटरी को घर पर चार्ज करते हैं। अधिकतर किसान एंपियर चार्जर से बैटरी चार्ज करते हैं, जिससे ओवरचार्जिंग का खतरा बढ़ जाता है। इस कारण बैटरी फटने की आशंका बढ़ जाती है।
जिले में झटका मशीन के करंट से 10 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। खेतों में काम करते समय कई ग्रामीण करंट की चपेट में आकर झुलस चुके हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आलोक तिवारी बताते हैं कि झटका मशीन का करंट शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। इससे जानवर ही नहीं, इंसान भी गंभीर रूप से घायल या मृत हो सकते हैं।
झटका मशीन से हुईं मौतें
7 फरवरी 2024 : सोनारी कनू की कोमल की झटका मशीन के करंट से मौत हो गई और तीन लोग झुलस गए।
22 जून 2024 : हरदोईया के दयाराम की आम बीनते समय झटका मशीन की चपेट में आने से मौत हो गई।
2 जुलाई 2024 : ठेंगहा बाग की रजपती की खेत में लगी झटका मशीन के करंट से मौत हो गई।
31 अगस्त 2024 : अढ़नपुर की गुड़िया की खेत की मेड़ से गुजरते वक्त करंट की चपेट में आने से मौत हो गई।
27 सितंबर 2024 : घाटमपुर के अजय सिंह की खेत में झटका मशीन के करंट से मौत हो गई।
बैटरी फटने के कई कारण हो सकते हैं
बैटरी विक्रेता नीरज के अनुसार ओवरचार्जिंग, घटिया चार्जर, फिजिकल डैमेज की वजह से बैटरी फट सकती है। लोकल बैटरी के भी फटने की आशंका रहती है। सेफ्टी सर्किट की कमी इन घटनाओं को और भी खतरनाक बना देती है।
ये बरतें सावधानी
1. हमेशा ओरिजिनल चार्जर और बैटरी का इस्तेमाल करें।
2. बैटरी को लंबे समय तक चार्ज न करें।
3. बहुत गर्म होने पर डिवाइस को तुरंत बंद कर दें।
4. अगर बैटरी फूल रही हो या कोई गंध आ रही हो तो तुरंत डिवाइस का इस्तेमाल बंद करें।
5. बैटरी को सीधे धूप, आग या ज्यादा गर्म जगह पर न रखें।
6. बैटरी को रातभर चार्ज करने से बचें (खासकर लोकल चार्जर के साथ)।