अमेठी सिटी। मुसाफिरखाना के पूरे मोहम्मद नेवाज गांव निवासी शिवपता की हत्या की गुत्थी रविवार को पुलिस जांच में सुलझ गई। साजिश में बहू सुनीता, नाती बृजेश, हिस्ट्रीशीटर मोईन, उसके चाचा तौहीद और संतोष शामिल रहे। डकैती के मुकदमे से राहत और पंचायत चुनाव में बढ़त की मंशा साजिश की वजह बनी। गैंगस्टर एक्ट के आरोपी मोईन ने विवादित भूमि पर कब्जा दिलाने का प्रलोभन देकर सुनीता को साथ जोड़ा। योजना के तहत वारदात के बाद ग्राम प्रधान पति तौकीर पर झूठा आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई गई। शुरुआती जांच उसी दिशा में चली, मगर तकनीकी साक्ष्यों के सामने आने पर कहानी बदलती चली गई।
31 दिसंबर को शिवपता को प्रधान पति से मिलने की बात कहकर घर से बाहर भेजा गया। रास्ते में लाठी-डंडों से पिटाई की गई। गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचाई गईं शिवपता की उपचार के दौरान एक जनवरी को मौत हो गई। इसके बाद बहू सुनीता ने ग्राम प्रधान पति तौकीर, उनके दामाद जहीद उल्ला उर्फ जहीद, साढ़ू बल्लन, हर्षवर्धन और जयवर्धन पर हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई।
क्षेत्राधिकारी मुसाफिरखाना अतुल कुमार सिंह ने जांच आगे बढ़ाई। सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के विश्लेषण में कई विरोधाभास सामने आए। सुनीता और मोईन के बीच लगातार फोन संपर्क, घटनास्थल पर मोईन के मोबाइल नेटवर्क की सक्रियता और समय-रेखा के अंतर से संदेह गहराया। इसके बाद प्राथमिकी से अलग दिशा में जांच शुरू हुई। रविवार को इंस्पेक्टर विवेक सिंह की टीम ने सुनीता को घर से, जबकि मोईन, बृजेश और संतोष को जुमवारी मोड़ से गिरफ्तार किया।
पूछताछ में मोईन ने बताया कि जहीद उल्ला उर्फ जहीद से जुड़ा एक मुकदमा ट्रायल चरण में है। गवाही प्रभावित करने और राजनीतिक लाभ लेने के इरादे से साजिश रची। इसके अनुसार रेकी संतोष कर रहा था। मौके पर बृजेश, मोईन व शोएब पहुंचे और डंडों से हमला किया जिससे घायल शिवपता की उपचार के दौरान मौत हो गई। मोईन की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त डंडा बरामद हुआ। सभी आरोपियों का चालान अदालत भेजा गया है। तौहीद की तलाश जारी है। एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की गई। तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल और अन्य प्रमाणों के आधार पर साजिश का खुलासा हुआ है।
डकैती के मुकदमे का चल रहा ट्रायल
मोईन पर गैंगस्टर एक्ट सहित छह एफआईआर दर्ज हैं। दो डकैती प्रकरण मुसाफिरखाना, एक रायबरेली के बछरावा और दो सुल्तानपुर के कोतवाली नगर व बंधुआकला क्षेत्र से जुड़े हैं। वर्ष 2019 के एक डकैती मामले का ट्रायल अदालत में चल रहा है, जिसमें जहीद गवाह है।
पंचायत राजनीति में दबदबा बनाने की मंशा
तौकीर के परिवार की पंचायत चुनावों में लंबे समय से पकड़ रही है। एक पंचवर्षीय अवधि को छोड़ वर्तमान में उनकी पत्नी ग्राम प्रधान हैं। गांव की राजनीति में बढ़त पाने की चाह साजिश का अहम आधार बनी।
जमीन के प्रलोभन में साथ
शिवपता का हर्षवर्धन और जयवर्धन से भूमि विवाद चल रहा था। वर्ष 2023 से वाद न्यायालयों में लंबित था। मोईन ने विवादित भूमि पर कब्जे का लालच देकर सुनीता और बृजेश को साजिश में शामिल किया। चर्चा है कि इस सौदे में धनराशि का लेनदेन भी हुआ।