बाबूगंज के सगरा आश्रम पर साधना करते मौनी स्वामी। -मंदिर प्रबंधन
अमेठी सिटी। गौरीगंज के बाबूगंज स्थित सगरा आश्रम में चल रहे महारुद्र यज्ञ के तीसरे दिन रविवार को रुद्राक्ष से निर्मित 12 ज्योतिर्लिंगों के मध्य दिव्य रुद्राभिषेक हुआ। श्रद्धालुओं ने मंत्रोच्चारण और भक्तिभाव से रुद्राभिषेक कर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। आश्रम में दिनभर भजन, आरती और शिव स्तुति की गूंज रही।
परमहंस सेवा आश्रम के अनुसार ये 12 ज्योतिर्लिंग 11 करोड़ रुद्राक्ष मणियों से वर्षों की तपस्या और भिक्षा में मिले दान से निर्मित किए गए हैं। पीठाधीश्वर मौनी स्वामी ने बताया कि महायज्ञ के अंतर्गत देवाधिदेव इंद्र के 108 ध्वज स्थापित कर त्रिशूल के शिखर पर अनुग्रह पूजन संपन्न हुआ। शृंगार गौरी महाआरती से पूर्व देवराज इंद्र की विशेष आराधना कर साधकों और संतों ने त्रिशूल के शीर्ष पर पूजा अर्पित की।
इस अनुष्ठान का उद्देश्य देश में अकाल, महामारी और जल-संकट से मुक्ति दिलाना बताया गया। सनातन परंपरा में इंद्र को यज्ञों की सफलता, सिद्धि और विजय का अधिष्ठाता माना गया है। बिना इंद्र की कृपा कोई भी वैदिक यज्ञ पूर्ण नहीं माना जाता है। महायज्ञ के दौरान इंद्रधनुष रंगों से सजे ध्वजों के साथ मिष्ठान, फल व मेवा समर्पित किए गए। पीठाधीश्वर मौनी महाराज ने विधिवत पूजा पूर्ण की। श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर कष्टों और दरिद्रता से मुक्ति की प्रार्थना की।