अमेठी। डेंगू का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। शुक्रवार को आई रिपोर्ट में डेंगू के सात मरीज मिले हैं। तीन दिनों के भीतर टायफाइड के 92 मरीज जांच में मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। वहीं, स्क्रब टायफस प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य टीम ने पहुंचकर निरोधात्मक कार्रवाई की है।
शुक्रवार को आई डेंगू की रिपोर्ट में एलाइजा से हुई जांच सात मरीज मिले हैं। इनमें गौरीगंज में 2, अमेठी में 4, भेटुआ में एक, सिंहपुर में एक मरीज हैं। एक अन्य डेंगू का संदिग्ध मरीज मिला है। तीन दिन में 787 मरीजों का कुल 1445 सैंपल लिया गया। जिसमें 20042 जांच पैथाेलॉजी में किया गया। इनमें टायफाइड की 416 जांचों में से 92 मरीज मिले हैं।
जिला अस्पताल में 17 अक्तूबर को कुल 5840 जांच में टायफाइड के 134 जांच में 40 पॉजीटिव, डेंगू के 20 सैंपल में 11 संदिग्ध मरीज मिले हैं। 18 अक्तूबर को 5723 जांच की गई। टायफाइड के 30, डेंगू के तीन संदिग्ध व 19 अक्तूबर को 5092 जांच में टायफाइड के 22, डेंगू के छह संदिग्ध मरीज मिले हैं।
सीएमएस डॉ. बीपी अग्रवाल ने कहा कि अस्पताल की पैथाेलॉजी में सभी प्रकार की जांच सुविधा उपलब्ध है। किसी को कोई दिक्कत न हो इसके लिए संबंधित को आदेश दिया गया है।
स्क्रब टायफस के मरीज के गांव पहुंची टीम
जगदीशपुर में स्क्रब टायफस का मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पालपुर तकिया गांव पहुंचकर जानकारी हासिल की। लोगों को जागरूक किया।
टीम ने मरीज के संपर्क में आए लोगों के सैंपल लिया। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. शेषधर द्विवेदी के नेतृत्व में जगदीशपुर के पूरब देवकली, निहालपुर व निहालगढ़ का निरीक्षण कर लोगों को संक्रामक बीमारियों से बचाव की जानकारी उपलब्ध कराई।
बुखार का वार भी कम नहीं
संयुक्त जिला अस्पताल में शुक्रवार को 821 मरीजों में से 318 सिर्फ बुखार के ही ग्रसित थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दस्तक अभियान के तहत अब गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने के साथ ही बुखार के मरीजों की केस हिस्ट्री खंगाल रही है।
टायफाइड के लक्षण
-दस्त होना
-पेट में दर्द होना
-कमजोरी महसूस करना
-बुखार रहना
-सिर में दर्द होना
-भूख में कमी आना
बचाव के उपाय
-बर्तनों को साफ पानी में धोएं।
-हाथों की साफ-सफाई का ध्यान रखें।
-स्ट्रीट फूड से परहेज करें।
-घर का ताजा और गर्म खाना खाएं
-कच्ची सब्जी, फल खाने और दूषित पानी पीने से बचें।
इनसेट
डेंगू से बचाव के लिए क्या करें
डेंगू से बचाव के लिए मच्छरों को काटने से बचाव करते रहना जरूरी है। डेंगू के मच्छर दिन के समय अधिक काटते हैं।
दिन के समय में दरवाजे और खिड़कियों को बंद रखें। जिससे घर में मच्छरों के प्रवेश के कम किया जा सके। पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, जिससे मच्छरों के काटने से बचा जा सके। इसके अलावा मच्छरों से बचाव के लिए घर के आसपास साफ-सफाई रखें और रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।