बाजार शुकुल (अमेठी)। राज्य पोषण मिशन कार्यक्रम के तहत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को शासन आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की कोशिश में जुटा है। कवायद सफल हो सके इसके लिए स्थानीय ब्लॉक के सात आंगनबाड़ी केंद्रों को (प्रति केंद्र 7.52 लाख रुपये) नंद घर के रूप में तब्दील करते हुए सुविधाओं से लैस किया गया है। आंगनबाड़ी केंद्र पर सुविधा बढ़ने से बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा के साथ ही कुपोषित व गर्भवती महिलाओं की निगरानी में सहूलियत होगी।
शासन की ओर जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के साथ ही बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा बेहतर बनाने के लिए ग्राम पंचायतों में आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जाता है। गांवों में बने आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन पुराने व सुविधाओं की कमी के चलते शासन की ओर से संचालित योजनाओं को लागू करने में परेशानी हो रही है। योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए ग्रामीण विकास एवं सामाजिक कार्यक्रम के तहत शासन ने केंद्रों का कायाकल्प करने की योजना बनाई है।
शासन के निर्देश पर बाजार शुकुल ब्लॉक के तेंदुआ, कुटी मवैया, जलाली बलापुर, पूरे बेंचूलाल, नेवाज मदारगढ़, पूरे रेवतीदास व पारा गांव के आंगनबाड़ी केंद्र का चयन नंद घर के रूप में करते हुए प्रति केंद्र 7.52 लाख रुपये की लागत से उन्हें सुविधाओं से लैस किया गया है। सुविधाओं से केंद्र को लैस करने के बाद तीन वर्ष के बच्चों की प्री-प्राथमिक शिक्षा, स्वास्थ्य व पोषण की व्यवस्था बेहतर बनाई जाएगी।
सीडीपीओ विनय कुमार ने बताया कि केंद्र पर चित्रकारी व ई-लर्निंग के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापरक प्रारंभिक शिक्षा के साथ कुपोषित व अतिकुपोषित और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की निगरानी करने में सहूलियत होगी। केंद्र पर भोजन का प्रबंध होने के साथ उन्हें घर से लाने व छोड़ने के लिए एक मोबाइल बैन का भी प्रयोग किया जाएगा।