जगदीशपुर। राष्ट्रीय गोकुल मिशन कार्यक्रम के तहत पशुपालकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार ने पहल की है। इसके तहत उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद की ओर से हर ग्राम पंचायत में स्वरोजगारी मैत्री का चयन किया जाएगा।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार सिंह की ओर से जारी पत्र में पहले चरण में प्रदेश में पांच हजार स्वरोजगारी मैत्रियों के चयन की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही गई है। चयनित अभ्यर्थियों को मान्यता प्राप्त संस्थानों से 30 दिवसीय सैद्धांतिक व 60 दिवसीय व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर गांव स्तर पर तैनात किया जाएगा। पशुपालकों को कृत्रिम गर्भाधान, दुधारु पशुओं की नस्ल सुधार, बीमारियों की रोकथाम और अन्य तकनीकी सेवाएं गांव में ही उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस योजना में महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। पशुपालन विभाग का मानना है कि इस योजना से ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे।