जायस थाने पर प्रदर्शन करते ग्रामीण व संगठन के लोग
जायस (अमेठी)। जामो थाना क्षेत्र में दबिश देने गई जायस पुलिस पर महिलाओं से मारपीट, तोड़फोड़ व तीन लोगों को बेवजह पकड़ने का आरोप लगा ग्रामीणों ने मंगलवार को जायस थाने का घेराव किया। तीन घंटे तक प्रदर्शन के बाद ग्रामीण थाना गेट पर ही जमे रहे। प्रदर्शन कर रहे लोग व पुलिस के बीच वार्ता हुई। इसके बाद पकड़े गए लोगों को छोड़ने पर मामला शांत हुआ। प्रदर्शन में किसान संगठन के लोग शामिल रहे।
जायस इलाके में इन दिनों वाहनों से डीजल चोरी की घटनाएं खूब हो रही हैं। मामले में पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा था। पूछताछ हुई तो पुलिस को बताया कि वह जामो इलाके टोडरपुर मजरे परशुरामपुर गांव के कुछ लोगों को चोरी के बाद डीजल बेचता है। पुलिस ने मंगलवार की सुबह गांव में दबिश दी थी। गांव निवासी शिव बहादुर का परिवार व करीब डेढ़ सौ ग्रामीणों को लेकर जायस थाने पहुंच कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
किसान नेता शिव बहादुर का आरोप था कि पुलिस ने बिना सूचना घर में दबिश दी और तोड़फोड़ भी की। सीसीटीवी कैमरे क्षतिग्रस्त कर दिए। महिलाओं से मारपीट की। दुकान से रुपये गायब करने का आरोप लगाया। पुलिस उसके भाई राम प्रताप, जंगबहादुर व पड़ोसी राम प्रसाद को जबरन थाने उठा लाई। पुलिस पिकअप भी थाने ले गई।
तभी किसान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अमर सिंह लोधी भी पहुंचे। करीब तीन घंटे तक इन लोगों ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों के प्रतिनिधि मंडल को बुला कर बातचीत की। इसके बाद पुलिस ने पकड़े गए लोगों को छोड़ा तब मामला शांत हुआ।
इंस्पेक्टर रवि कुमार सिंह का कहना है कि पुलिस पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। पुलिस पर दबाव बनाने के लिए लोग आए थे। संदेह के आधार जिन लोगों को लाया गया था। उन्हें छोड़ दिया गया है। नजर रखी जाएगी।
ये था मामला
किसान नेता ने बताया कि पुलिस द्वारा डीजल चोरी के आरोप पकड़े गए व्यक्ति के कहने पर पुलिस ने ये कार्रवाई की थी। बताया कि पकड़ा गया व्यक्ति शातिर है। उसके खिलाफ कार्रवाई हुई थी। इसीलिए उसने उनको फंसाने के लिए नाम बता दिया और पुलिस उनके घर पहुंच गई।