कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा का जायजा लेते सीओ मयंक द्विवेदी।
अमेठी। लखनऊ में कोर्ट में हुई घटना के बाद अब सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा शुरू हो गई है। दरअसल, जिले में सत्र न्यायालय न होने के कारण यहां के मामलों की सुनवाई सुल्तानपुर में होती है। पहले से ही जिले से अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की टीम सुल्तानपुर में तैनात है। इस घटना के बाद अब पुलिस ने अमेठी के उन मामलों की फाइल खंगालनी शुरू कर दी है, जिनमें गंभीर अपराधों में आरोपितों की पेशी है। अब इनकी पेशी के दौरान सुरक्षा का अतिरिक्त पहरा रहेगा।
एसपी डॉ. इलामारन जी ने बताया कि सुरक्षा प्रबंधों की निगरानी सीओ स्तर के अधिकारी करेंगे। साथ ही सादी वर्दी में भी पुलिस कर्मी लगाए जाएंगे। जिला सत्र न्यायाधीश के साथ होने वाली मानीटरिंग सेल की बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। साथ ही सुरक्षा को लेकर अन्य प्रबंध किए गए हैं। कलेक्ट्रेट में सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा के बाद वहां पर अतिरिक्त पुलिस कर्मियों को लगाया जा रहा है।
बृहस्पितवार को सीओ मयंक द्विवेदी ने यहां सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया। कलेक्ट्रेट में डीएम, एडीएम समेत अन्य अधिकारियों के न्यायालयों की सुरक्षा की हकीकत देखी। पुलिस कर्मियों से जानकारी ली गई।
यहां तो सिर्फ होमगार्ड के सहारे सुरक्षा
फोटो 23- जिला अस्पताल के मुख्य द्वार पर तैनात होमगार्ड के जवान
जिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब एक हजार से अधिक लोग आते हैं, लेकिन यहां पर सुरक्षा के नाम पर सिर्फ होमगार्ड की तैनाती है। हैरानी की बात तो यह है कि होमगार्ड भी सुरक्षा को लेकर खामोश बने रहते हैं।
नाम का पुलिस बूथ
हनुमान तिराहे पर बने पुलिस बूथ पर बृहस्पतिवार की दोपहर डेढ़ बजे सन्नाटा पसरा था। कुछ दूरी पर पेड़ की छांव में दो होमगार्ड के जवान बैठे थे। रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार पर सुरक्षा को लेकर बेफिक्री दिखी। यहां पर कोई पुलिस डेस्क तक नहीं दिखा। हालांकि प्लेटफार्म नंबर एक व दो पर आरपीएफ व जीआरपी के जवान भ्रमण करते दिखे।