अमेठी सिटी। जिले के सभी 13 ब्लॉक परिसरों में शुक्रवार को ग्राम पंचायत अधिकारियों और ग्राम विकास अधिकारियों ने ग्राम पंचायतों में ऑनलाइन हाजिरी के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप से लेफ्ट होने के साथ ही सरकार से आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग उठाई गई।
गौरीगंज में संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष दीक्षा द्विवेदी ने बताया कि प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया। वहीं सभी पंचायत सचिव व्हाट्सएप ग्रुप से लेफ्ट हो गए हैं। 10 दिसंबर को सचिव अपने निजी वाहन का प्रयोग बंद करने संग 15 दिसंबर को अपने डोंगल जमा कर देंगे। कहा कि शासन की ओर से ग्राम पंचायत अधिकारियों और ग्राम विकास अधिकारियों की ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था लागू करने को कहा गया है।
सचिवों ने कहा कि जिले में 682 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 160 सचिव हैं। एक सचिव के पास तीन से पांच ग्राम पंचायतों के प्रभार के साथ अन्य विभागों के कार्य थमा दिए गए हैं। ऐसे में ऑनलाइन हाजिरी पूरी तरह गलत है। कहा कि अचानक बिना किसी प्रशिक्षण के और संसाधन उपलब्ध कराए ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली को लागू कर देना न सिर्फ अव्यावहारिक है, बल्कि ग्रामीण कार्यों को प्रभावित करने वाला कदम भी है। इस दौरान धर्मेंद्र पटेल, मनीष श्रीवास्तव, देवराज साहू, रागिनी यादव, सुहानी मौर्य, विवेक यादव आदि मौजूद रहे।
ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली, ज्यादा कार्यभार और संसाधनों की कमी से नाराज ग्राम पंचायत सचिवों ने बाजारशुकुल ब्लॉक परिसर में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। ब्लाॅक अध्यक्ष रवि यादव ने एडीओ पंचायत अशोक कुमार को 10 सूत्री ज्ञापन सौंपा।