अमेठी सिटी। उपसंभागीय परिवहन कार्यालय में 26 नवंबर को एआरटीओ महेंद्र बाबू के साथ गालीगलौज की गई। उनसे सरेआम हाथापाई करने वाले ने धमकाया भी। एआरटीओ के तहरीर देने के बाद भी इस मामले में पुलिस ने एफआईआर नहीं दर्ज की। कोतवाल का तर्क है कि जब घटना से संबंधित साक्ष्य मिलेगा, तब प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। राजपत्रित अधिकारी की शिकायत पर पुलिस का सवालिया निशान चर्चा का विषय बन गया है।
एआरटीओ महेंद्र बाबू के मुताबिक 26 नवंबर को वह परिसर में फिटनेस के लिए आए वाहनों का निरीक्षण कर रहे थे। तभी कार्यालय के बगल के गांव का युवक बाइक से आया और गालीगलौज करने लगा। उसने हाथापाई और धक्कामुक्की भी की। ये तमाशा करीब एक घंटे तक चलता रहा। इस बीच पुलिस को फोन किया गया। पुलिस के आने के पहले ही युवक वहां से भाग निकला। एआरटीओ के मुताबिक, वह युवक कार्यालय में दलाली करता था। उन्होंने कार्यालय परिसर में दलालों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है। इसी के चलते पहले भी उन पर हमला किया जा चुका है और फिर से उन्हें निशाना बनाया गया।
सरकारी कार्यालय में सरेआम वारदात हुई, लेकिन गौरीगंज कोतवाल श्याम नारायण पांडेय को घटना का साक्ष्य अब तक नहीं मिला है। एआरटीओ की तहरीर को वह पर्याप्त नहीं मानते हैं। उनका कहना है कि वाहनों की फिटनेस हो रही थी तो वहां पर अन्य लोग भी रहे होंगे। जांच की जा रही है। जैसे ही साक्ष्य मिलता है, एफआईआर दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।