अमेठी सिटी। परिषदीय विद्यालयों में अब विज्ञान की पढ़ाई का तरीका बदलेगा। शासन की पहल पर विद्यालयों में विज्ञान किट पहुंचाई जा रही है। इस किट की मदद से बच्चे किसी विषय या वस्तु को प्रयोग करके समझेंगे। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और खोज की प्रवृत्ति को बढ़ावा देना है।
पहले चरण में जिले के उच्च प्राथमिक विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में विज्ञान किट से पढ़ाई शुरू की जाएगी। किट में टेलिस्कोप, परखनली, चुंबक, थर्मामीटर, कंपास और प्रिज्म जैसे उपकरण शामिल हैं। इनकी मदद से बच्चे किसी भी विषय को व्यावहारिक रूप में समझ सकेंगे। अब विज्ञान केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छात्र स्वयं प्रयोग कर विषय की गहराई तक पहुंचेंगे। विज्ञान किट से पढ़ाई अब केवल सुनने या याद करने तक सीमित नहीं रहेगी। शिक्षक बच्चों को प्रयोग के जरिए पढ़ाएंगे, जिससे कक्षा अधिक सक्रिय और दिलचस्प बनेगी।
बच्चे खुद उपकरणों का उपयोग करेंगे, जिससे उनकी समझ में सुधार होगा। प्रयोगात्मक शिक्षा से छात्र विषय को लंबे समय तक याद रख सकेंगे। शिक्षकों को भी इन उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे किट का सही इस्तेमाल कर सकें। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस पहल से विद्यालयों में पढ़ाई का माहौल बेहतर होगा और छात्रों में विज्ञान विषय के प्रति रुचि भी बढ़ेगी।
बढ़ेगी समझ और आत्मविश्वास
विज्ञान किट का मुख्य उद्देश्य बच्चों को प्रयोग के माध्यम से सीखने का अवसर देना है। इससे शिक्षक को पढ़ाने में आसानी होगी और विद्यार्थियों को समझने में। उन्होंने कहा कि योजना से विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी और बच्चों में आत्मविश्वास विकसित होगा।
संजय कुमार तिवारी, बीएसए