जंगली जानवरों की दहशत में टोली बनाकर बैठे ग्रामीण
अमेठी सिटी। क्षेत्र में जंगली जानवर के हमले का भय ग्रामीणों में साफ झलक रहा हैं। अलग-अलग गांवों में 14 लोगाें पर हमले व कई स्थानों पर दिखने की सूचना के बाद ग्रामीणों में अब भी दहशत का माहौल है। लोग रातभर जागकर रखवाली कर रहे हैं। दहशत इतनी है कि सुबह-शाम किसान खेतों की तरफ नहीं जा रहे हैं। ग्रामीण हाथ में लाठी-डंडे लेकर झुंड के साथ निकल रहे हैं।
शाहगढ़ ब्लॉक क्षेत्र में तीन दिन से जंगली जानवर इकसारा, टंडवा, सोराव, पूरे बरगदिहन, जया का पुरवा, कनकसिंहपुर, पूरे चेत राम, तुलसीपुर, मौजी का पुरवा, शिवापुर में इंसानों से लेकर जानवर को अपना निशाना बना चुका है। शिवापुर गांव में मवेशी को काटने के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने जंगली जानवर को मार गिराया। बृहस्पतिवार को पूरब गांव में महिला पर हमले करने के बाद ग्रामीणों ने जंगली जानवर को मार दिया। जबकि बृहस्पतिवार की रात में सेमरा गांव में ग्रामीणों ने एक जंगली जानवर को मार गिराया। ग्रामीणों का कहना था कि मारा गया जानवर सियार था। जबकि वन विभाग इससे इन्कार कर रहा है।
वहीं, पनियार चौराहे पर बृहस्पतिवार की रात्रि तीन जंगली जानवरों के झुंड नजर आने पर ग्रामीणों ने लाठी डंडा लेकर निकल पड़े। पूरी रात गांववासी समूह में निकलकर लाठी डंडा से लैस होकर गांव की रखवाली कर रहे हैं। पूर्व प्रधान रामराज यादव ने कहा कि जंगली जानवर के हमले के बाद से ग्रामीणों में दहशत है। कनकसिंह पुर निवासी ओम प्रकाश ने कहा कि किसान अब सुबह शाम खेत जाने से कतरा रहे हैं।
रेंजर संजय श्रीवास्तव ने कहा कि ग्रामीणों को सुबह शाम सतर्क रहना होगा, इस प्रकार की सूचना विभाग के नंबर पर दे। ग्रामीणों को डरने की जरूरत नहीं हैं।