फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amethi News: सावित्रीबाई फुले का जीवन संघर्षों का पर्याय

Tue, 11 Mar 2025 12:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
विज्ञापन
अमेठी के कमासिन गांव में आयोजित कार्यक्रम को संबो​धित करते अति​थि।-स्रोत : आयोजक
विज्ञापन
अमेठी सिटी। भारत की प्रथम महिला शिक्षिका क्रांति ज्योति सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि पर सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
विज्ञापन




जिले के कमासिन सहित विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हौसिला प्रसाद बौद्धाचार्य ने कहा कि सावित्रीबाई फुले का जीवन संघर्षों का पर्याय है। वे जब स्कूल में पढ़ाने जाती थीं तो दो साड़ी लेकर जाती थीं। अराजकतत्व उन पर गोबर और कीचड़ फेंकते थे। सावित्रीबाई स्कूल पहुंचने पर साड़ी बदलकर कक्षा में पढ़ाती थीं। वापस आते समय पुनः गंदी साड़ी पहन लेती थी। सही मायने में शिक्षा की देवी सावित्रीबाई फुले ही हैं।


बामसेफ के जिला संयोजक संजीव भारती ने कहा कि बच्चों को पढ़ाई करने और ड्राॅप आउट रोकने के लिए उन्होंने एक अनूठा प्रयास किया। वह बच्चों को स्कूल जाने के लिए वजीफा भी देती थीं। शिक्षिका के साथ वे एक महान कवयित्री भी थीं। उन्होंने विधवाओं के लिए आश्रम भी खोला। दहेज प्रथा रोकने के लिए जनजागरण अभियान चलाया। रामचंद्र बौद्ध ने कहा कि बाबा साहब डॉ. आंबेडकर ने फुले दंपती के संघर्षों से प्रेरणा लेकर सामाजिक क्रांति को आगे बढ़ाया।
विज्ञापन




संजय कुमार ने कहा कि माता सावित्रीबाई फुले और महात्मा फुले का जीवन दर्शन और इतिहास घर-घर पहुंचना चाहिए। हरिनाथ बौद्ध ने सावित्रीबाई फुले को महान समाज सुधारक बताया और कहा कि गुलाम भारत में शिक्षा की ज्योति जलाकर उन्होंने महान योगदान किया है। इस दौरान रामदीन गौतम, राम मिलन भारती, राजू बौद्ध, पवन कुमार गौतम, आरएस चक्रवर्ती, सुरेन्द्र बौद्ध, श्याम लाल, त्रिभुवन दत्त, कुलरोशन, सुनीता भारती, मंजूलता, लीलावती, कोमल, ज्योति वर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें