गौरीगंज रेलवे स्टेशन पर आरक्षित टिकट बुक कराते हुए यात्री। संवाद
अमेठी सिटी। लखनऊ-प्रतापगढ़ रेल मार्ग पर गौरीगंज और अमेठी रेलवे स्टेशनों से मुंबई जाने वाले यात्रियों को अभी भी सीधी रेल सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। रायबरेली से लोकमान्य तिलक टर्मिनल के बीच चलने वाली पांच डिब्बों की साकेत लिंक एक्सप्रेस का संचालन कोविड काल से बंद है और अब तक बहाल नहीं हो सका है। इस कारण जिले के यात्रियों को मुंबई जाने के लिए वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
वर्तमान में मुंबई जाने के लिए यात्रियों को सप्ताह में केवल दो दिन मंगलवार और बृहस्पतिवार को उद्योगनगरी एक्सप्रेस का उपयोग करना पड़ता है, जिसकी वापसी सोमवार और बुधवार को होती है। हालांकि इस ट्रेन का ठहराव अमेठी में है, लेकिन सीटों की उपलब्धता सीमित होने के कारण कई यात्रियों को लखनऊ या प्रयागराज तक जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती है। यह स्थिति विशेष रूप से उन लोगों के लिए असुविधाजनक है जो रोजगार, व्यापार या निजी कार्यों के लिए नियमित रूप से मुंबई की यात्रा करते हैं।
कोविड-19 से पहले साकेत लिंक एक्सप्रेस रायबरेली-प्रतापगढ़-प्रयागराज-मुंबई रेलखंड पर नियमित रूप से संचालित होती थी। यह ट्रेन सप्ताह में दो दिन रायबरेली से रवाना होकर अगले दिन मुंबई पहुंचती थी और अमेठी व गौरीगंज स्टेशनों पर भी इसका ठहराव होता था। इस सुविधा का लाभ उठाते हुए जिले के लगभग तीन सौ यात्री आरक्षित और साधारण टिकट पर मुंबई की यात्रा करते थे।
ट्रेन के बंद होने से यात्रियों की सुविधा खत्म हो गई। गौरीगंज के कटरालालगंज गांव निवासी धर्मेंद्र शुक्ल ने बताया कि पहले सीधे गौरीगंज से मुंबई पहुंचना बेहद आसान था, लेकिन अब उन्हें वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ता है।
स्टेशन अधीक्षक प्रवीण सिंह ने स्वीकार किया कि ट्रेन संचालन से जुड़े निर्णय उच्चस्तर पर लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और मांग बढ़ने पर समय-समय पर विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाता है। हालांकि साकेत लिंक एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण सुविधा की बहाली का इंतजार अभी भी जारी है।