भादर (अमेठी)। माघ मास की चतुर्थी को पड़ने वाली सकट चौथ (संकठा माता पूजन) को लेकर पुत्रवती महिलाओं में खासा उत्साह नजर आ रहा है। त्योहार से एक दिन पहले बृहस्पतिवार को जहां महिलाएं घरों की सफाई से लेकर तैयारियों में जुटी रहीं। वहीं बाजारों में शकरकंद, गुड़, तिल खरीदने के लिए लोगों की भीड़ सुबह से लेकर शाम तक जुटी रही।
हर साल माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन संकट चौथ का त्योहार मनाया जाता है, जो सभी माताओं के लिए बेहद खास होता है। इस दिन महिलाएं संतान की लंबी उम्र और अच्छे जीवन की कामना के लिए निर्जला उपवास रखती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार सकट का पर्व हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस तिथि पर गौरी पुत्र गणेश और माता संकठा की उपासना करने से संतान के सभी कष्टों का निवारण होता है। इतना ही नहीं संतान को बल-बुद्धि और विद्या का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।
शुक्रवार को पड़ने वाली सकट चौथ को लेकर बृहस्पतिवार को माताएं पूजन सहित अन्य तैयारियां पूरी करने में जुटी रहीं। बेटे की लंबी उम्र व सुखमय जीवन व्यतीत होने को लेकर पुत्रवती महिलाएं शुक्रवार को चौथ का व्रत रखेंगी। दिनभर निर्जला व्रत रहने के बाद शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर संकठा माता की पूजा करने के बाद बेटों की लंबी उम्र व सुखमय जीवन की कामना करेंगी।
चौथ व्रत को लेकर खुश हैं महिलाएं
दुर्गापुर निवासी पूजा गुप्ता चौथ व्रत को लेकर काफी उत्साहित हैं। कहती हैं कि बेटे की लंबी उम्र व सुखमय जीवन के लिए शुक्रवार को निर्जला व्रत रहने के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर पूजा करूंगी। लाल शकरकंद चढ़ाने का विशेष महत्त्व है। अग्रेसर गांव निवासी अमरावती चौथ व्रत को लेकर खुश हैं। वे कहती हैं कि दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद शाम को चांद दिखने पर शकंरकंद, गुड़, तिल चढ़ाकर पूजा करके पारण किया जाएगा। रामगंज निवासी सुनीता सोनी ने बताया कि चौथ का व्रत दिनभर निर्जला रहने के बाद शाम को चंद्रमा दिखने पर पूजा करके बेटे के दीर्घायु होने के साथ सुखमय जीवन की कामना चंद्रमा से की जाएगी। त्रिसुंडी गांव निवासी कुसुम मिश्र चौथ व्रत से काफी खुश हैं। कहती हैं कि चौथ व्रत की सारी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। लाल शकरकंद, गुड़ व तिल की खरीदारी कर ली है।