भाले सुल्तान शहीद स्मारक में थाने के बाहर धरने पर बैठे संत व अन्य। -स्रोत : स्थानीय नागरिक
भाले सुल्तान शहीद स्मारक। थानाध्यक्ष पर संतों से अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए बुधवार देर शाम संतों ने थाने के बाहर धरना दिया। संतों ने थानाध्यक्ष के व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की। क्षेत्राधिकारी ने बातचीत की और पूरे मामले की जांच कराने का भरोसा दिया। आश्वासन के बाद संतों ने धरना समाप्त कर दिया।
संतों के अनुसार रविवार को संत लाला दास, विश्व हिंदू परिषद के धर्माचार्य प्रमुख अमेठी काशी प्रांत, राम अदालत और महंत दुर्गेश दास को थाने बुलाया गया था। आरोप है कि वहां उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
इसकी जानकारी मिलने पर अतुल सिंह, घनश्याम पांडेय और महेश सिंह थाने पहुंचे। आरोप है कि उनकी बात सुने बिना राम अदालत को बैरक में बैठा दिया गया। इससे नाराज संतों ने थाने के बाहर धरना शुरू कर दिया।
संतों का कहना है कि मामले को लेकर सोमवार को पुलिस कप्तान को शिकायत पत्र भी दिया गया था। इसके बावजूद कार्रवाई न होने पर उन्होंने थाने के बाहर विरोध शुरू किया। संतों ने थानाध्यक्ष के व्यवहार की जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की।
क्षेत्राधिकारी ने मौके पर पहुंचकर संतों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। क्षेत्राधिकारी के आश्वासन के बाद संतों ने धरना समाप्त कर दिया।