अमेठी सिटी। सब्जी मसाले ने महिलाओं की जिंदगी का स्वाद ही बदल दिया। महिलाएं काम तलाशते हुए आर्थिक परेशानियों से गुजर रही थीं तो सब्जी मसाले ने उसमें नया स्वाद व रंग घोल दिया है। गरीबी को मात देने के लिए सरकार की मदद मिली तो दादूपुर गांव में वारिस महिला स्वयं सहायता समूह ने सब्जी मसाला तैयार कर आमदनी बढ़ाई है। समूह के मसाले की खुशबू बाजार के साथ आसपास के गांवों में भी महक रही है।
वर्ष 2021 में 100 रुपये की बचत के साथ वारिस महिला स्वयं सहायता समूह का गठन हुआ, जिसमें अध्यक्ष शमशुल निशा, सचिव शकीना, कोषाध्यक्ष अनीशा हैं। वहीं, सदस्य तबस्सुम, शमीरुल, मरियम बानो, नशीबुल, तरन्नुम, अखतरुन्न और मरियम हैं। वर्ष 2024 में समूह की महिलाओं ने आर्थिक तंगी से उबरने के लिए रोजगार करने की योजना बनाई। महिलाओं ने सब्जी मसाले का व्यवसाय करने को लेकर समूह से 30 हजार रुपये लिए। कानपुर से थोक में खड़े मसाले खरीदे।
इसके बाद जीरा, लौंग, इलाइची, काली मिर्च, दालचीनी, तेजपत्ता, बड़ी इलाइची आदि खड़े मसाले की पैकिंग शुरू की। महिलाएं संबंधित एजेंसी के साथ किराने की दुकानों में तैयार सामान की बिक्री कर रही हैं। इसके अलावा ग्रामीण शुद्धता को देख घर से ही खड़े मसाले ले जा रहे हैं। प्रति महिला प्रतिदिन करीब 300 से 400 रुपये की आमदनी कर रही है। आगे इस व्यवसाय को बढ़ाने का प्रयास है। पिसे सब्जी मसाले के साथ अन्य मसाले तैयार करने की योजना है।
समूह की अध्यक्ष शमशुल निशा ने बताया कि पहले आमदनी का जरिया नहीं था। आज समूह के माध्यम से महिलाएं बेहतर आय अर्जित कर रही हैं। मसाले के व्यवसाय ने उन्हें आर्थिक तंगी से निकलने का रास्ता बनाया। इस व्यवसाय को बड़े पैमाने पर ले जाने का प्रयास है।