अमेठी। रोडवेज डिपो को सात नए संविदा चालक मिलने से संचालन व्यवस्था में राहत मिलने की उम्मीद जगी है। लंबे समय से चालकों की कमी के कारण कई बसें वर्कशॉप में खड़ी थीं, जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही थी। अब ये बसें दोबारा रूट पर चल सकेंगी। इसी माह चार पुरुष चालक और दो महिला परिचालक पहले ही डिपो को मिल चुके हैं।
वर्तमान में डिपो के पास निगम की 55 व अनुबंध पर तीन बसें हैं। इनमें 15 नियमित और 69 संविदा चालक कार्यरत हैं। नियमित चालकों में छह की स्वास्थ्य या अन्य कारणों से ड्यूटी नहीं लग पा रही है। फिलहाल कुल 78 चालक बसों का संचालन कर रहे हैं, लेकिन यह संख्या पर्याप्त नहीं है। चालकों की कमी के कारण 30 से अधिक बसें खड़ी हैं। अगले माह निगम को 20 नई छोटी बसें मिलने वाली हैं, जिससे चालकों की कमी की समस्या और गहराने की आशंका है। ऐसे में चालक व परिचालक की भर्ती की प्रक्रिया तेजी से की जा रही है। संविदा चालकों की भर्ती के लिए मांगे गए आवेदनों में 42 लोग शामिल हुए, जिनमें से 18 ही फिट पाए गए। इनमें 12 चालक कानपुर टेस्ट देने पहुंचे और सात चालक परीक्षा पास कर सके।
उधर, सीधी भर्ती में डिपो को मिलीं 18 महिला परिचालकों में से केवल दो ने ही कार्यभार ग्रहण किया है। एआरएम ने बताया कि अधिकतर ने अन्य जिलों में तैनाती ले ली है। शेष से संपर्क किया जा रहा है ताकि उन्हें जॉइनिंग के लिए बुलाया जा सके।एआरएम काशी प्रसाद ने बताया कि इन सात चालकों में पांच की तैनाती हो चुकी है, जबकि अन्य की प्रक्रिया चल रही है। इन्हें पांच दिन का प्रशिक्षण देकर ड्यूटी पर लगाया जाएगा।