अमेठी सिटी। सूखी बाजगढ़ में वित्तीय अनियमितता के मामले को गौरीगंज के विधायक राकेश प्रताप सिंह ने विधानसभा में उठाया था। इस मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार को सीज कर दिया है। इसके साथ मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया है। गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह ने गत वर्ष सदन में जामो के सूखीबाजगढ़ गांव पंचायत में विकास कार्यों में अनियमितता का प्रकरण उठाया था। वर्ष 2010 तक अब तक हुए विकास कार्यों की जांच कराने की बात कही। विधायक के सदन में सवाल पूछने के बाद जिला प्रशासन ने विकास कार्यों की जांच डीडीओ, उपायुक्त स्वत: रोजगार, एक्सईन पीएमजीएसवाई, डीपीआरओ तथा वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा से कराई। महज दो साल की जांच में टीम ने प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता की पुष्टि करते हुए अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी थी। प्रारंभिक जांच में अनियमितता की पुष्टि के बाद प्रधान छेदीलाल को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा गया था।
ग्राम प्रधान के जवाब से संतुष्ट न होने पर डीएम निशा अनंत ने ग्राम प्रधान का वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार को सीज करते हुए विस्तृत जांच के लिए टीम गठित की है। जांच की जिम्मेदारी उप निदेशक कृषि, एसडीएम गौरीगंज, सहायक अभियंता लघु सिंचाई व सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी माध्यमिक शिक्षा को दी। टीम को पूरे प्रकरण की नियमानुसार जांच पूरी कर रिपोर्ट देने को कहा है। रिपोर्ट के बाद मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विधायक राकेश प्रताप सिंह ने इसकी पुष्टि की है।