राजस्व निरीक्षक संतराम को पकड़कर ले जाती एंटी करप्शन टीम।
बाजार शुकुल। जमीन के विवाद में पत्थर नसब कराने के नाम पर घूस मांगना मुसाफिरखाना तहसील में तैनात अमेठी के दलशाहपुर गांव निवासी राजस्व निरीक्षक संतराम को भारी पड़ गया। मंगलवार को उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) अयोध्या की टीम ने उसे दस हजार रुपये लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम ने थाने के पास स्थित एक होटल में घेराबंदी कर कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अपने साथ अयोध्या ले गई।
जानकारी के अनुसार, बूबूपुर निवासी अयोध्या प्रसाद यादव का गांव के ही एक व्यक्ति से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। जमीन के सीमांकन के लिए राजस्व निरीक्षक ने उनसे पहले दस हजार रुपये लिए थे। आरोप है कि इसके बाद पत्थर नसब कराने के लिए दोबारा दस हजार रुपये की मांग की गई। लगातार रकम मांगे जाने से परेशान अयोध्या प्रसाद ने विजिलेंस अयोध्या की टीम से शिकायत की। शिकायत का सत्यापन करने के बाद टीम ने आरोपी को रंगेहाथ पकड़ने की योजना बनाई।
मंगलवार को विजिलेंस इंस्पेक्टर केएन सिंह ने टीम के साथ डीएम से मुलाकात कर दो गवाह लेने के बाद थाने के पास घेराबंदी करते हुए शिकायतकर्ता के माध्यम से रिश्वत की रकम देने की व्यवस्था की गई। तय स्थान पर राजस्व निरीक्षक पहुंचा। शिकायतकर्ता ने जैसे ही उसे दस हजार रुपये दिए तभी विजिलेंस टीम ने उसे पकड़ लिया। टीम आरोपी को अपने साथ अयोध्या ले गई।
एसपी सरवणन टी. ने बताया कि राजस्व निरीक्षक संतराम को रिश्वत लेते गिरफ्तार करने की कार्रवाई विजिलेंस अयोध्या की टीम ने की है। टीम आरोपी को अपने साथ अयोध्या ले गई है। टीम ने अयोध्या में ही प्राथमिकी दर्ज कराई है।
मामले में विभागीय जांच कराई जाएगी
जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने बताया कि राजस्व निरीक्षक को विजिलेंस टीम द्वारा घूस लेते पकड़े जाने का मामला संज्ञान में है। संबंधित विभाग से प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट मांगी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के निलंबन और विभागीय जांच की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में शासन के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई होगी।
पहले भी पकड़े जा चुके है अफसर
17 जून 2021 : जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया मिश्रा को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।
4 अगस्त 2021 : जिला लेखा परीक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह को पांच हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।