मुसाफिरखाना रेलवे स्टेशन पर सेना से रिटायर होकर लौटे सूबेदार बाल गोविंद का स्वागत करते लोग।
मुसाफिरखाना (अमेठी)। भारतीय सेना में 30 वर्षों की गौरवशाली सेवा पूरी कर रविवार को सूबेदार बाल गोविंद पाल जब अपने पैतृक गांव लौटे तो पूरा इलाका भारत माता की जय के जयकारों से गूंज उठा। मुसाफिरखाना रेलवे स्टेशन पर जैसे ही वह ट्रेन से उतरे, गांववासियों ने ढोल-नगाड़ों और फूल मालाओं से उनका स्वागत किया। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने तिरंगा लहराते हुए देशभक्ति का अद्भुत नजारा पेश किया।
सूबेदार बाल गोविंद पाल 27 जून 1995 को ईएमई कोर में भर्ती हुए थे। सेना में विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए 30 साल बाद वह सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हुए। उनके स्वागत के लिए रेलवे स्टेशन से लेकर पूरे गांव में तैयारियां की गई थीं। उनका परिवार भी देश सेवा की गौरवशाली परंपरा से जुड़ा है। दादा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे, जबकि चाचा और भाई ने भी सेना में सेवाएं दी हैं। वर्तमान में परिवार के छह से अधिक सदस्य सेना में कार्यरत हैं। गांव पहुंचने पर सेवानिवृत्त सूबेदार बाल गोविंद ने युवाओं को सेना में जाने के लिए प्रेरित किया। गांव में हर घर में जश्न का माहौल रहा। बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक में गर्व और खुशी का भाव दिखा।