मुसाफिरखाना का यह केंद्र रिसोर्स सेंटर के लिए चुना गया
अमेठी सिटी। जिले के परिषदीय विद्यालय में करीब 22 सौ दिव्यांग बच्चे पंजीकृत हैं। जिसमें 150 बच्चे अति दिव्यांगता की श्रेणी में हैं। दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए कई कार्यक्रम संचालित हैं। अति दिव्यांगता की श्रेणी में चिह्नित बच्चों के लिए घर आधारित शिक्षा की व्यवस्था है।
इसके लिए बाकायदा स्पेशल एजुकेटर लगाए गए हैं।अब दिव्यांग बच्चों के लिए नियमित फिजियोथेरेपी की व्यवस्था शुरू होगी। समेकित शिक्षा अभियान के तहत शासन ने रिसोर्स सेंटर के लिए दो लाख रुपये जारी किए हैं।
धनराशि मिलने के बाद मुसाफिरखाना ब्लॉक संसाधन केंद्र स्थित प्राथमिक स्कूल के अतिरिक्त कक्ष में रिसोर्स सेंटर बनेगा। यहां दिव्यांग बच्चों की फिजियोथेरेपी के साथ उनको ब्रेललिपि से पढ़ाने का इंतजाम होगा। उन्हें भाषा व कौशल विकास का अभ्यास भी कराया जाएगा। बच्चों को जरूरत के हिसाब से फिजियोथेरेपी, एक्यूप्रेशर थेरेपी आदि की सुविधा मिलेगी। बीएसए संजय कुमार तिवारी ने बताया कि सेंटर में विशेष शिक्षकों की रोस्टरवार ड्यूटी लगाई जाएगी, जो बच्चों को पढ़ाने के साथ थेरेपी की सुविधा प्रदान करेंगे।