अमेठी सिटी। होली पर घर आना व वापस ड्यूटी पर लौटना परदेशियों के लिए मुश्किलाें भरा नजर आ रहा है। ट्रेनों की सीटें फुल होने से सिस्टम नो-रूम बता रहा है। इससे आरक्षित टिकट नहीं मिल पा रहा है। तत्काल टिकट के लिए रात भर लाइन में रहने के बावजूद एक-दो मिनट में टिकट बुक होने से उन्हें बैरंग लौटना पड़ रहा है।लखनऊ-प्रतापगढ़-वाराणसी रेल ट्रैक पर यात्रियों की सुविधा के लिए अलग-अलग स्थानों के लिए 29 जोड़ी ट्रेनों का संचालन विभाग करता है। त्योहारों पर पहले से आरक्षण न कराने वालों के लिए यात्रा चुनौती भरी होती है। पहले से आरक्षित टिकट नहीं करवा पाने वालों के लिए वापसी का सफर कष्टदायक साबित हो रहा है, सभी ट्रेनों पर लगभग नो-रूम हो चुका है।
आलम यह है कि दिल्ली, पंजाब और मुंबई से आने-वाले जाने वाली सभी ट्रेनें फुल हैं। इस समय दिल्ली से आने वाली सभी प्रमुख ट्रेनों में सीट नहीं मिल रही है। काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, नीलांचल एक्सप्रेस, पद्मावत एक्सप्रेस में आरक्षित सीटें नहीं मिल रहीं।
यही हाल मुंबई से आने वाली उद्योग नगरी सहित अन्य ट्रेनों का भी है, जिनमें पहले से आरक्षण करा चुके यात्रियों की भी सीट कन्फर्म नहीं हो रही हैं। हावड़ा-अमृतसर अप/डाउन पंजाब मेल में भी 100-150 की वेटिंग चल रही है।
स्पेशल ट्रेनें भी संचालित
स्टेशन मास्टर प्रवीण सिंह ने बताया कि त्योहार पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने से ट्रेनों पर आरक्षण फुल हो चुके हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए स्पेशल ट्रेन भी संचालित की जा रही है। सुबह आठ से शाम आठ बजे तक बुकिंग काउंटर पर टिकट बुक किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त प्रतिदिन तत्काल के एसी व स्लीपर क्लास के आरक्षित टिकटों की बुकिंग की जा रही है।