अमेठी सिटी। महानगरों को जाने वाली प्रमुख ट्रेनें तकरीबन फुल हो गई हैं। उद्योग नगरी, काशी विश्वनाथ और पद्मावत एक्सप्रेस ट्रेन में नो-रूम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। अन्य ट्रेनों में भी आरक्षण की वेटिंग लिस्ट लंबी होती जा रही है। ऐसे में परदेसियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आलम यह है कि रात भर लाइन लगाने के बाद तत्काल कोटे से भी कन्फर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है।
बड़े शहरों में नौकरी करने वाले लोग हर साल की तरह इस बार होली के त्योहार पर घर आए थे। त्योहार मनाने के बाद अब वापस जा रहे हैं। मुंबई को जाने वाली उद्योगनगरी और दिल्ली को जाने वाली पद्मावत एक्सप्रेस, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस में जहां 30 मार्च तक नो रूम की स्थिति है। अर्चना, नीलांचल, गरीबरथ एक्सप्रेस में लंबी वेटिंग लिस्ट है। रोजी रोजगार के सिलसिले से महानगर जाने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
ट्रेनों में लंबी वेटिंग व नो रूम की स्थिति होने पर यात्री रात भर स्टेशन पर डेरा डाल तत्काल कोटे से कन्फर्म टिकट बुक कराने की कोशिश कर रहे हैं। एक मिनट से कम समय में तत्काल कोटे का टिकट बुक होने से अधिकांश यात्रियों को निराश होकर बैरंग लौटना पड़ रहा है। ट्रेनों का आलम यह है कि साधारण कोच में इतनी भीड़ है कि चढ़ नहीं सकते हैं।
चार से पांच लोगों का कन्फर्म टिकट बन रहा
स्टेशन अधीक्षक प्रवीण सिंह ने बताया कि सहालग के दौरान तमाम लोग गांव लौट आए थे, जो कुछ लोग होली मनाने आ गए हैं। तत्काल टिकट के लिए 30 से 35 लोग लाइन में लग रहे हैं। इनमें से चार से पांच लोगों का ही कन्फर्म टिकट बन पा रहा है।
इनसेट
दो घंटे देरी से पहुंचे लखनऊ-प्रयागराज संगम स्पेशल
अमेठी सिटी। लखनऊ-प्रतापगढ़-प्रयागराज संगम ट्रैक की एकलौती ट्रेन ने बुधवार को यात्रियों को परेशान कर दिया। लखनऊ-प्रयागराज संगम स्पेशल ट्रेन दो घंटे देरी से गौरीगंज पहुंची।
गौरीगंज के राघवराम ने प्लान किया था कि बुधवार को परिवार के साथ ट्रेन से सुबह प्रयागराज जाएंगे, और शाम को वापस आ जाएंगे। वह गौरीगंज रेलवे स्टेशन पर पहुंचे तो उन्हें निराशा हाथ लगी। वजह, लखनऊ-प्रयागराज स्पेशल ट्रेन निर्धारित समय सुबह 9:17 के बजाय दो घंटा देरी से 11:03 बजे पहुंची। उन्हें समस्या का सामना करना पड़ा। यह समस्या किसी एक की नहीं, बल्कि प्रयागराज जाने वाले हर एक यात्री की थी। कई लोगों की प्रयागराज से अलग-अलग ट्रेनों से आरक्षित टिकट बुक था। इन यात्रियों को निजी वाहन से रवाना होना पड़ा। यात्रियों का कहना था कि यदि ट्रेन समय से आ जाती तो दोपहर में एक से डेढ़ बजे के बीच वह प्रयागराज पहुंच जाते। गंगा स्नान करने के बाद शाम को करीब 4.40 बजे लखनऊ के लिए चलने वाली ट्रेन से शाम को वापस आ सकते थे लेकिन, ट्रेन की लेटलतीफी ने लोगों की मुश्किल को बढ़ा दिया।