कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के लिए जाते समिति के लोग
गौरीगंज (अमेठी)। सुल्तानपुर जिला जेल में 21 जून को मृत दो बंदियों के परिजन शनिवार को सड़क पर उतर आए। दोनों बंदियों के परिजनों ने आंबेडकर समाज उत्थान समिति के बैनर तले कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने व 50 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही मांगों न माने जाने पर आंदोलन की बात कही गई है। जामो थाने के लोरिकपुर गांव निवासी विजय कुमार पासी उर्फ करिया और मनोज कुमार हत्या के आरोप में सुल्तानपुर जिला जेल में बंद थे। 21 जून को संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई। हालांकि दो दिनों तक परिजन चुप रहे लेकिन, शनिवार को आंबेडकर समाज उत्थान समिति के पदाधिकारियों के साथ परिजन व ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंच गए। यहां पर नारेबाजी कर प्रदर्शन करते हुए परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
प्रदर्शन कर रहे समिति के लोगाें ने कहा कि दूसरे दिन पोस्टमॉर्टम के बाद शव मिलने पर विजय का शव तो सड़ गया था जबकि मनोज का शव सड़ा नहीं था। ऐसे में विजय की मौत पहले हुई है। आरोप लगाया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट व शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। प्रदर्शन करने के बाद ग्रामीणों ने डीएम को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार नितिन सिंह को दिया। ज्ञापन में जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।
कहा कि यदि एक सप्ताह में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन के बैनर तले वृहद आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष श्रीराम बौरासी, जगन नारायन, रणजीत कुमार, फूलचंद, कमलेश, फूलमती, रामरती, ममता, शकुंतला, मुकेश कुमार, रामकुमार व जग प्रसाद समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण व परिजन तथा ग्रामीण मौजूद रहे।