अमेठी सिटी। गौरीगंज स्थित संयुक्त जिला चिकित्सालय ई अस्पताल बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यहां मरीजों का पंजीयन, चिकित्सीय सुझाव और जांच रिपोर्ट सब ऑनलाइन होगा। मरीज घर बैठे रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। उन्हें बाहर की दवाएं नहीं लिखी जा सकेंगी। मरीज की पूरी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी, जिससे देश के किसी भी अस्पताल में इलाज संभव हो सकेगा। 30 अगस्त से ऑनलाइन व्यवस्था चालू होने की उम्मीद है।
जिला अस्पताल में रोजाना 800 से 1000 मरीज ओपीडी में आते हैं। अभी पंजीकरण के लिए लाइन लगानी पड़ रही है। आने वाले समय में मरीज काउंटर पर ऑनलाइन परचा प्राप्त कर सकेंगे। यह परचा पैथोलॉजी और दवा काउंटर से लिंक रहेगा, जिससे जांच रिपोर्ट और दवा सीधे मरीज की आईडी पर अपलोड हो जाएगी। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि प्रारंभिक चरण में चार ऑनलाइन पंजीकरण काउंटर बनाए गए हैं। मरीज आभा आईडी का क्यूआर कोड स्कैन कर पंजीकरण करा सकेंगे।
आपातकाल की स्थिति में एक काउंटर ऑफलाइन भी रहेगा। मोबाइल एप के माध्यम से घर बैठे ओपीडी परचा बनवाने की सुविधा भी उपलब्ध होगी। ऑनलाइन व्यवस्था में मरीजों को दलालों या अन्य व्यक्तियों से किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए रोजाना ओपीडी समाप्त होने के बाद कुछ मरीजों को फोन कर फीडबैक लिया जाएगा। अस्पताल को पूरी तरह ऑनलाइन करने के लिए लीज लाइन कनेक्शन का काम लगभग पूरा हो चुका है और कंप्यूटर संबंधित कक्षों में लगाए जा रहे हैं।
ऑनलाइन परचा बनने के बाद चिकित्सीय सलाह और सभी जांच रिपोर्ट मरीज की आईडी पर उपलब्ध होगी। मरीज देश के किसी भी अस्पताल में अपनी आईडी से उपचार का पूरा रिकॉर्ड देख और दिखा सकेंगे।
समय की होगी बचत
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि ई अस्पताल प्रणाली से मरीजों को बड़ी सुविधा मिलेगी। लाइन में खड़े होने की परेशानी समाप्त होगी। बाहर की दवा और जांच पर अंकुश लगेगा। परचा या रिपोर्ट संभालने की आवश्यकता नहीं रहेगी और किसी भी अस्पताल में पूरे उपचार की जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी। इससे समय की बचत होगी।