अमेठी सिटी। जिले की चिह्नित ब्लॉक मुसाफिरखाना और जामों में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत अभियान चलाया जा रहा है। घर-घर पहुंचकर टीमें लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिला रही हैं। जामों ब्लॉक के डिहवा गांव में कुछ लोगों ने दवा खाने से मना कर दिया तो सूचना पाकर मौके पर सीएमओ पहुंचे। उनके समझाने-बुझाने पर लोगों ने दवाई खाई।
ब्लॉक मुसाफिरखाना और जामों को फाइलेरिया मुक्त करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से 25 फरवरी तक अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान दोनों ब्लॉकों में करीब 3,63,516 लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई जानी है। दवा खिलाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा आदि की टीम घर-घर जा रही हैं। एक वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बच्चों व अन्य लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई जा रही है।
ब्लॉक जामों के डिहवा गांव में करीब पांच से अधिक परिवारों ने फाइलेरिया रोधी दवा खाने से इन्कार कर दिया। जिसपर टीम ने सीएचसी अधीक्षक और सीएमओ कार्यालय को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने के बाद सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह गांव पहुंचे। वहां लोगों से बात करते हुए डीएम को भी मामले की सूचना दी। सीएमओ के समझाने-बुझाने के बाद सभी परिवार के सदस्यों ने दवा खाई।
सीएमओ ने बताया कि कुछ परिवारों ने दवा खने से इन्कार कर दिया था। बातचीत की गई, सभी सदस्यों ने दवा खा लिए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि सभी लोग दवा खाएं, जिससे ब्लॉक व गांव फाइलेरिया मुक्त बन सके।
इन्कार सूची बनाने का दिया गया निर्देश
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि दोनों ब्लॉकों को फाइलेरिया मुक्त बनाने को लेकर अभियान चल रहा है। कहा कि जो लोग व परिवार दवा खाने से इन्कार कर रहे हैं, उनकी सूची बनाने का निर्देश दिया गया है। इस सूची के अनुसार गांव पहुंचकर अफसरों की टीम उन्हें समझाकर दवा खिलाएंगी।