राजा फत्तेपुर (अमेठी)। सिंहपुर सीएचसी पर रविवार की सुबह पहले गर्भवती को रेफर कर दिया गया। बाद में जब अधिकारियों तक मामला पहुंचा तो कर्मियों ने सीएचसी पर ही प्रसव कराया। जिला पंचायत सदस्य ने स्वास्थ्य अधिकारियों पर लापरवाही का बड़ा आरोप लगाया है। सीएमओ का कहना है कि प्रकरण की जांच कराई जाएगी।सोशल मीडिया पर जारी बयान में सिंहपुर के जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र भारती का कहना है कि रविवार की सुबह वह अपनी पत्नी प्रियंका शर्मा का प्रसव कराने सीएचसी सिंहपुर लेकर पहुंचे। वहां के कर्मियों ने उसका इलाज कराया। इसके बाद पहुंचे चिकित्सक ने बिना मरीज को देखे ही रेफर कर दिया। कहा कि यहां प्रसव नहीं हो पाएगा, आपरेशन करवाइगा।
उन्होंने कहा कि बिना मरीज को देखे ही रेफर क्यों कर रहे हैं तो अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए अपमानित किया। उनका कहना है कि कर्मियों से गुजारिश की तो पत्नी का प्रसव कराया। चिकित्सक पर गंभीर आरोप लगाते हुए जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुनील यादव का कहना है कि सुबह जब मरीज को लेकर आए तो उसकी हालत गंभीर थी।जिला अस्पताल ले जाने को कहा गया था। बाद में परिजनों की जिद पर प्रसव कराया गया। नवजात ने गंदा पानी पी लिया था, नली से गंदगी को पेट से बाहर निकाला गया है। जच्चा बच्चा स्वस्थ है। आरोप निराधार है। सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह का कहना है कि प्रकरण संज्ञान में आया है। मामले की जांच कराई जाएगी।