आवास योजना में प्रथम किश्त लेने के बाद नहीं शुरू किया कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
अमेठी सिटी। पीएम शहरी आवास योजना में लाभार्थियों को ढाई लाख रुपये घर बनाने के लिए दिए जाते हैं। इस योजना में यदि धनराशि का सही उपयोग किया गया है तो पैसों की कोई रिकवरी नहीं की जाती है। लेकिन योजना से जुड़े 100 लाभार्थियों ने धनराशि लेने के बाद मकान ही नहीं बनवाया। ऐसे लोगों से रिकवरी के लिए डूडा की ओर से नोटिस भेजी जा रही है।
पीएम शहरी आवास योजना में मकान बनाने के लिए पहली किश्त 50 हजार रुपये की दी जाती है। डूडा के परियोजना अधिकारी विनोद मिश्र ने बताया कि मकान की नींव पड़ने के बाद यह धनराशि पात्र व्यक्ति के खाते में भेजी जाती है। वहीं मकान की छत पड़ने के बाद डेढ़ लाख रुपये की धनराशि दी जाती है। जबकि मकान निर्माण पूर्ण होने पर 50 हजार रुपये फिर से दिए जाते हैं।
आकस्मिक परिस्थिति का दिया हवाला
आवास योजना की धनराशि लेने के बाद भी निर्माण नहीं करने वालों से जब इसका कारण पूछा गया तो उन्होंने आकस्मिक परिस्थिति का हवाला दिया। परियोजना अधिकारी ने बताया कि मकान का पैसा मिलने के बाद लोगों के घर बीमारी, मौत, दुर्घटना व लाभार्थी की मौत वजह बताई जा रही है। जिसके चलते योजना से जुड़े करीब सौ लोगों ने मकान बनाने का कार्य टाल दिया है। ऐसे में शासन से प्राप्त धनराशि का हिसाब मांगा जा रहा है।