अमेठी सिटी। परिषदीय स्कूलों में फर्नीचर आपूर्ति का मामला एक बार फिर चर्चा में है। चार माह बीतने के बावजूद अब तक एक भी डेस्क-बेंच स्कूलों तक नहीं पहुंच सकी है। जुलाई में निविदा प्रक्रिया पूरी होने और 15 लाख रुपये की स्वीकृति मिलने के बाद भी आपूर्ति में विलंब ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिले के कई परिषदीय विद्यालयों के लिए 429 डेस्क-बेंच की आपूर्ति का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ था। यह कार्य जैम पोर्टल के माध्यम से आलोक कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपा गया था। चार माह बाद भी कंपनी ने अब तक आपूर्ति शुरू नहीं की है। फर्नीचर की कमी से विद्यालयों में पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। कई विद्यालयों में कक्षा तीन और चार के विद्यार्थी अब भी टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि फर्नीचर की अनुपलब्धता से बच्चों की लिखाई, एकाग्रता और सीखने की गति प्रभावित हो रही है।
अभिभावकों ने भी असंतोष जताते हुए कहा कि विभागीय लापरवाही के कारण सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों पर सीमित दिख रही हैं। वहीं, गोंडा जिले में फर्नीचर खरीद घोटाले के बाद लोग इस मामले में भी गड़बड़ी की आशंका जता रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि आपूर्तिकर्ता फर्म और विभागीय जिम्मेदारों के बीच तालमेल न बन पाने से प्रक्रिया अटक गई है। वहीं, कुछ अधिकारी यह मानते हैं कि तकनीकी कारणों से कार्य में देरी हुई है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार तिवारी ने बताया कि निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और फर्म को फर्नीचर आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय में आपूर्ति नहीं की गई तो अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।