अमेठी। हौसला यदि मजबूत है तो सफलता हर हाल में मिलनी तय है। बस जरूरत है तो लक्ष्य पर अडिग रहने की। कुछ इसी संकल्पों के साथ इंटरमीडिएट में प्रदेश में आठवां स्थान हासिल करने वाले श्री शिव प्रताप इंका अमेठी के गुलाब चौहान ने सफलता का परचम लहराया है। राजगीर के बेटे गुलाब ने पिता के सपनों को पूरा कर दिखाया। आईएएस बनकर एक ऐसा माहौल बनाना चाहते हैं, जिससे शिक्षा से कोई वंचित न रहे।अमेठी के पूरे आसरे का तिवारी पुरवा निवासी बलराम चौहान राजगीर है। पति व पत्नी रानी पढ़े लिखे नहीं है। उनके एक ही बेटा गुलाब है। बलराम का कहना है कि बस एक ही सपना था कि हमारा बेटा कुछ ऐसा करें, जिस पर वह फख्र करें। बताया कि बेटे ने हमारा सपना पूरा कर दिया।
मेधावी गुलाब चौहान ने बताया कि हाईस्कूल में उसे 85 फीसदी अंक मिले थे। उसने लक्ष्य तय किया था कि कुछ भी हो, इस बार मेरिट में आना ही है। हर दिन क्लास के साथ ही उसने छह घंटे की पढ़ाई की। उसने कोई कोचिंग नहीं की। स्वयं से पढ़ाई की। गुलाब का कहना है कि कभी-कभी पढ़ाई के दौरान कुछ टॉपिक समझ में नहीं आते थे, तो शिक्षक उसकी समस्या का समाधान करते थे।