गौरीगंज/अमेठी। तीन दिन से आसमान में छाए बादल व क्षेत्र के कई इलाकों में हुई बूंदाबांदी के बीच उमसभरी गर्मी बढ़ गई थी। बुधवार को दोपहर बाद शाम करीब चार बजे शहर में हुई झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली। शहर में नगर पंचायत की ओर से जलनिकासी के लिए बन रही नालियों के जगह-जगह अवरुद्ध होने से पानी उफनाकर सड़क व गलियों से बहने लगा तो कई मोहल्लों व कार्यालयों में जलभराव जैसी स्थिति बन गई।
पिछले तीन दिनों से छाए बादल बुधवार को बारिश में तब्दील हो गए। सुबह से हो रही बूंदाबांदी के बीच करीब चार बजे हुई झमाझम बारिश से शहर में हर ओर पानी ही पानी दिखाई देने लगा। बारिश से लोगों को जहां उमसभरी गर्मी से निजात मिली तो शहर में नालियां उफनाकर सड़कों के ऊपर से बहने लगीं। हालात यह हो गए कि बारिश का पानी गलियों से बहने के साथ ही कई मोहल्लों व कार्यालयों में भर गया। तहसील व कोतवाली परिसर में तो बाढ़ जैसी स्थिति दिखने लगी।
बारिश बंद होने के बाद राहगीर दूषित पानी के बीच से आने जाने को मजबूर दिखे। बारिश ने शहर की जलनिकासी व सफाई व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। मुख्य मार्गों पर तो नाली निर्माण का कार्य चल रहा है लेकिन शहर के ज्यादातर वार्डों में स्थित नालियों की सफाई नहीं होने के चलते बारिश से जलभराव की स्थिति बन गई।
नालियां चोक होने के चलते मोहल्लों में जलभराव हो गया। हालांकि बारिश से किसानों को फायदा हुआ है। इससे जहां धान की अगेती खेती करने वालों को फायदा होगा वहीं अब तक नर्सरी न डालने वाले भी लाभान्वित होंगे। बरसात होने से किसान अब धान की फसल लगाने के लिए खाली पड़े खेतों की जोताई करा सकेंगे।