अमेठी सिटी। जिले में शनिवार को भी कई बार बारिश हुई। पूरे दिन बादल छाए रहे। तेज बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों की हालत बिगड़ गई है। बारिश के कारण धान की फसल को फायदा मिला। वहीं सब्जियों के लिए बारिश नुकसान पहुंचाने वाली रही। कभी रिमझिम तो कभी तेज बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में जगह जगह कीचड़ व जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई। इसके कारण लोगों को आवागमन में काफी दुश्वारी भी झेलनी पड़ी।
भादर ब्लॉक के केशवपुर गांव में तेज बारिश से घरों में पानी घुसने लगा। इससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने सड़क के किनारे नाली बनाकर उसे नाले से जोड़ा। उसके बाद गांव का पानी निकलना शुरू हुआ। ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय नरायनपुर परिसर में लबालब पानी भर गया। पानी निकालने के लिए खड़ंजा मार्ग को काटना पड़ा। इसी क्षेत्र के खानापुर गांव में जलभराव हो गया।
रवि, विजय, सुशीला, दीपक, प्रह्ललाद, संजय सहित कई लोगों के घर में पानी भर गया। प्रधान प्रतिनिधि श्रीकांत मिश्रा को जलभराव की जानकारी मिली तो त्वरित जेसीबी से नाले की खोदवाई करवाई। हल्का लेखपाल जनार्दन सिंह ने बताया कि गांव का सर्वे किया गया है। रोहित का घर पूरी तरह से गिर गया है। शेष अन्य ग्रामीणों का अतिवृष्टि से हुए नुकसान का आकलन किया गया है। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
संग्रामपुर ब्लॉक क्षेत्र का पूरे भिक्षुक मिश्र गांव टाॅपू जैसा हो गया है। गांव में पानी भरा होने से मकानों के गिरने की आशंका भी बढ़ गई है। हालत बिगड़ती देख ग्रामीणों ने डीएम निशा अनंत से मदद की गुहार लगाई थी। डीएम के निर्देश पर शनिवार को काननूगो राजकुमार सिंह व लेखपाल उमेश यादव के नेतृत्व में एक टीम गांव पहुंची। टीम ने जेसीबी की मदद से गांव के किनारे नाली बनवाई। गांव में जमा पानी नाली के सहारे बाहर निकाला गया। तेज बारिश से फसलों को भी नुकसान हुआ है। धान की फसलें गिर गई हैं। कहीं-कहीं धान की फसलें पूरी तरह पानी में डूबी हैं। खरीफ की अन्य फसलें अरहर, तिल, उड़द, चरी के खेतों में पानी भरने से उनके सड़ने की आशंका है।
चारों तरफ पानी होने से खेतों का पानी निकालने की भी गुंजाइश नहीं है। सर्वाधिक नुकसान सब्जियों की फसलों का हुआ है। गांवों में पानी एकत्र होने से कच्चे मकान की दीवारों में सीलन हो गई है। अब कच्चे मकान भी गिरने लगे हैं। मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के दुवरिया गांव निवासी देव प्रसाद शुक्रवार रात घर में मौजूद थे। वे किसी काम से घर से बाहर निकले। तभी मकान की छत भर-भराकर ढह गई। मकान के मलबे में दबकर घर का सारा सामान नष्ट हो गया।
खेत में गिरी धान की फसल
शाहगढ़ (अमेठी)। तेज बारिश धान की फसलों को भी नुकसान पहुंचा रही है। क्षेत्र के चंदौकी में अत्यधिक बारिश के कारण धान की फसल खेत में गिर गई हैं। उलरा गांव में घर के सामने घुटने भर से अधिक पानी भरा होने के कारण पांच परिवारों का सड़क पर निकलना मुश्किल हो गया है। गांव में पानी और दलदल होने के कारण वह ई रिक्शा नहीं निकाल पा रहा है। गांव के ददन, शिवमंगल, जगन्नाथ, दिलीप व पीतांबर विश्वकर्मा ने बताया कि रास्ते में पानी और कीचड़ होने की वजह से बाहर निकलना दूभर हो गया है।
83.6 मिमी हुई बारिश
सितंबर के अंतिम दिनों में हुई बरसात से उमसभरी गर्मी से निजात मिल गई है। बारिश में शनिवार को अधिकतम तापमान 26.0 डिग्री तो न्यूनतम 22 डिग्री रिकाॅर्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि बारिश के बाद दक्षिणी पूर्वी हवाएं 5.1 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं। जिले में 83.6 मिमी बारिश होने की उम्मीद है। बताया कि आगामी 24 घंटे मध्यम से घने बादल छाए रहने एवं आगे भी मध्यम वर्षा होने की संभावना है।