संग्रामपुर : मिश्रौली रेलवे स्टेशन के बाहर मौजूद निराश्रित गोवंश। -संवाद
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संग्रामपुर (अमेठी)। ढकवा-जगदीशपुर राजमार्ग के किनारे स्थित मिश्रौली रेलवे स्टेशन परिसर इन दिनों छुट्टा मवेशियों का आशियाना बन गया है। दिन भर यहां पशुओं का जमावड़ा रहता है। जिसके कारण मिश्रौली रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रिओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय रेल प्रशासन द्वारा पशुओं को रेलवे स्टेशन पर आने से रोकने के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठाया जाता है।
रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों के सामने कभी-कभी तो पशु अचानक आ जाते हैं। उस समय रेल यात्रियों में भगदड़ मच जाती है। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले दो माह से परिसर में छुट्टा मवेशियों की संख्या में प्रतिदिन बढ़ोत्तरी देखी जा रही है।
यही नहीं यह मवेशी प्लेटफॉर्म पर भी घूमते नजर आते हैं। इस बारे में रेलवे कर्मचारियों का कहना है कि मिश्रौली रेलवे स्टेशन खुला क्षेत्र होने के कारण प्लेटफॉर्म पर कभी-कभी छुट्टा पशु पहुंच जाते हैं तो उनको परिसर से हटाया जाता है।
प्रयागराज जाने वाले यात्री रामलौट ने बताया कि मिश्रौली रेलवे स्टेशन अमेठी-प्रतापगढ़ मुख्य मार्ग पर स्थित है। इन दिनों अक्सर रेलवे स्टेशन के मुख्य मार्ग पर पशुओं का जमावड़ा रहता है। कभी-कभी तो वे मारने के लिए खदेड़ भी लेते है। यात्री राकेश मिश्र ने बताया कि मिश्रौली रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा कर्मी की भी तैनाती नहीं हैं। मुख्य गेट पर ही बड़ी संख्या में मवेशी खड़े रहते हैं। जिससे आवागमन करने में परेशानी रहती है।
चिलबिला जा रहे चंदन कुमार ने बताया कि स्टेशन आने वाले अधिकांश यात्री कई बैग भी लिए रहते हैं। पशुओं के खदेड़ने से वह अचानक भाग भी नहीं पाते। जिससे गिरकर चोटिल हो जाते हैं। वहीं आसपास के किसान भी परेशान हैं।