अमेठी सिटी। जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। इसके कारण मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है। चाहे वह पर्चा बनवाने की बात हो या चिकित्सक को दिखाने की। जांच के लिए भी मरीजों की भीड़ लग रही है। सोमवार को 1,218 मरीज जिला अस्पताल में उपचार कराने पहुंचे। इससे दो बजे बंद होने वाली ओपीडी दोपहर तीन बजे तक चलानी पड़ी।
मौसम में हो रहे बदलाव के कारण अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1,218 मरीजों का पंजीकरण हुआ। इनमें पेट दर्द के 67, दस्त के 76, डिहाइड्रेशन के 10, बुखार के 437, खांसी के 89, ठंड लगने के 96 और जुकाम के 103 मरीज शामिल रहे। इसके अतिरिक्त हड्डी रोग के साथ सिर दर्द व त्वचा रोग से ग्रसित मरीज भी उपचार कराने अस्पताल पहुंचे।
जिला अस्पताल उपचार कराने के आए अनिल ने बताया कि पांच दिन से बुखार के साथ सिर में दर्द की शिकायत बनी है। दवा का सेवन करने में आराम मिलता है, लेकिन असर समाप्त होने के बाद दोबारा स्थित वही होती है। ओपीडी में दिखाया है। खून जांच के लिए सैंपल दिया है। रिपोर्ट मिलने के बाद दोबारा डॉक्टर ने देखने को कहा है।
संगीता ने बताया कि सिर के दर्द की परेशानी है। फिजिशियन को दिखा तो बोले कि आंख की जांच करवाकर आओ। आंख की जांच करवाने जा रही हूं। बुजुर्ग रामशकल ने कहा कि हड्डी दर्द से परेशान हैं। भीड़ बहुत है। सोच रहे हैं कि कुछ भीड़ कम हो तो डाॅक्टर को दिखाएं। बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष में बीमार बच्चों की भी काफी भीड़ रही।
अपने मन से लें एंटी बायोटिक
फिजिशियन डॉ. अमित यादव ने बताया कि मौसम में बदलाव से बुखार और पेट संबंधी रोगों के मरीजों की संख्या बढ़ी है। ओपीडी में धूप से त्वचा झुलसने के मरीज भी आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. लईक उल्ल जमा ने बताया कि आंखों के नीचे गड्ढा हो जाना, होंठ, तालू व मुंह सूखना, पेशाब कम या गाढ़ा आना, अधिक प्यास लगना, त्वचा सिकुड़ना खतरे की घंटी है। बच्चा सुस्त हो और खाना पीना छोड़ दे तो तत्काल चिकित्सक को दिखाएं, अपने मन से एंटी बायोटिक न दें।
इन बातों का रखें ध्यान
ओआरएस का घोल साफ पानी में घोलकर बार-बार पिलाते रहें।
खाने में दाल, चावल, रोटी, सब्जी फल दें।
फलों में केला, सेब और अनार दें।
छाछ, नारियल पानी, आम का पन्ना दे सकते हैं।
पानी ज्यादा पिलाएं, पानी स्वच्छ होना चाहिए।
बाजार की तली-भुनी चीजें और कटे हुए फल को नहीं खिलाएं।
सबका हो रहा उपचार, दवाओं की कमी नहीं
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में ओपीडी के साथ आपातकालीन सेवा में पहुंचने वाले सभी मरीजों का बेहतर तरीके से उपचार हो रहा है। मौसम में बदलाव से मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। अस्पताल में सभी दवाएं मौजूद हैं। डॉक्टर सभी मरीजों को देखने के बाद ही ओपीडी से जा रहे हैं।