अमेठी सिटी। तहसीलों के भू-लेख कक्ष में अब खतौनी की प्रमाणित प्रति लेने के लिए नकद पैसे लाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। किसान ऑनलाइन पेमेंट कर खतौनी की प्रमाणित प्रति प्राप्त कर सकेंगे। सभी तहसीलों के खतौनी जारी करने वाले काउंटर पर बार कोड का डेमो भी लगाया गया है। जल्द ही संबंधित बैंक का बार कोड और ऑनलाइन भुगतान प्रक्रिया पूरी कराते हुए डिजिटल पेमेंट विधि से खतौनी जारी होगी। ऑनलाइन भुगतान पर खतौनी जारी होने पर किसानों से अधिक मूल्य लेने की शिकायतों से प्रशासन को राहत मिली।
राजस्व आयुक्त एसवीएस रंगाराव ने जिले की सभी तहसीलों के खतौनी काउंटर पर नकद भुगतान के साथ यूपीआई आधारित डिजिटल पेमेंट व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। इस व्यवस्था के तहत किसान नकद भुगतान के साथ काउंटर पर स्थापित क्यूआर कोड स्कैन कर भुगतान कर सकेंगे।
जिले के गौरीगंज, अमेठी, मुसाफिरखाना व तिलोई तहसील स्थित खतौनी काउंटर पर नकद भुगतान के साथ यूपीआई आधारित डिजिटल पेमेंट व्यवस्था लागू करने की कवायद तेज हो गई है। खतौनी काउंटर पर बार कोड का डेमो लगवाया जा चुका है। किसान नकद भुगतान के साथ काउंटर पर स्थापित क्यूआर कोड स्कैन कर भुगतान कर सकेंगे। इस व्यवस्था से तहसीलों में खतौनी काउंटरों पर अक्सर छुट्टा पैसों को लेकर होने वाली खींचतान से निजात मिलेगी। वहीं, भुगतान प्रक्रिया भी सरल और पारदर्शी बनेगी। राजस्व परिषद के निर्देश पर जिले में योजना प्रभावी करने की तैयारियां अंतिम दौर में है।
बैंक देगा पीओएस मशीन
तहसीलों से संबद्ध बैंक की ओर से स्टैटिक क्यूआर कोड, स्टैंडी और पीओएस मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। यह मशीन बैंक के सुरभि बचत खाते के सापेक्ष संबंधित शाखा से बैंक तहसीलों को देंगे।
इसकी मदद से तहसील के खतौनी काउंटर पर डिजिटल पेमेंट की व्यवस्था को स्थापित किया जाएगा। खतौनी की प्रमाणित प्रतियां लोग घर बैठे मात्र एक क्लिक पर भी प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए भी प्रक्रिया चल रही है।
पत्र मिला है, जल्द होगी व्यवस्था
राजस्व परिषद से इस संबंध में एक पत्र मिला है। इसके अनुसार सभी तहसीलों में जल्द इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। ऑनलाइन पेमेंट की व्यवस्था से लोगों को काफी सुविधा मिलेगी।
अर्पित गुप्ता, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व