मुसाफिरखाना। खरीफ सीजन के बीच खाद, बिजली व नहरों में पानी के लिए भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने बुधवार को तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष नफीस चंदेल के नेतृत्व में किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने चेतावनी दी कि समस्याओं का समय रहते समाधान न हुआ तो आंदोलन तेज करेंगे।
ज्ञापन के जरिये कहा गया कि साधन सहकारी समितियों और सरकारी गोदामों पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी और यूरिया उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसानों को खाद के लिए भटकना न पड़े। किसानों को सिंचाई के लिए निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए तथा घरेलू उपभोक्ताओं को प्रतिदिन 18 घंटे बिजली दी जाए।
भीषण गर्मी के बीच हो रही अघोषित कटौती पर रोक लगाने की भी मांग उठाई गई। भाकियू ने सिंदुरवा रजकाहा, कठौरा, जाफरगंज, पलिया और महोना माइनर समेत अन्य नहरों में तत्काल पानी छोड़ने तथा हेड से टेल तक पानी पहुंचाने के लिए अतिक्रमण हटाने की मांग की।
संगठन का कहना रहा कि नहरों में पर्याप्त पानी न होने से धान की रोपाई प्रभावित हो रही है। किसानों ने ग्रामसभा तेतारपुर में हुई हदबंदी कार्रवाई पर भी आपत्ति जताई। उनका आरोप था कि प्रभावित किसानों को बिना सूचना और नोटिस दिए कार्रवाई की गई।
संगठन ने कब्जा परिवर्तन और निर्माण कार्य पर रोक लगाकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। धरना समाप्त होने के बाद किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। इस मौके पर जगदेव यादव नईम अहमद अतीक चंदेल इम्तियाज कुरैशी आदि उपस्थित रहे।