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एसडीएम और तहसीलदार के विरोध में उतरे अधिवक्ता

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अमेठी। एसडीएम और तहसीलदार की कार्यशैली से नाराज अधिवक्ता शनिवार सुबह प्रदर्शन पर उतर आए। अधिवक्ताओं ने दोनों अफसरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। मामले की सूचना पर सीओ समेत कोतवाली फोर्स तहसील पहुंच गई। नाराज अधिवक्ताओं ने दोनों अफसरों को हटाए जाने तक न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया है।
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स्थानीय तहसील अमेठी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सदाशिव पांडेय और सचिव उपेंद्र कुमार शुक्ल की अगुवाई में शनिवार को बड़ी संख्या में अधिवक्ता धरना-प्रदर्शन पर उतर आए। अधिवक्ताओं ने एसडीएम योगेंद्र सिंह व तहसीलदार दिग्विजय सिंह पर अमर्यादित व्यवहार का आरोप लगाया।
दोनों अफसरों के कार्यालय के सामने डटे अधिवक्ताओं ने दोनों अफसरों के खिलाफ एसडीएम के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा काटा। हंगामे की सूचना मिलते ही सीओ अर्पित कपूर और कोतवाली फोर्स मौके पर पहुंची। सीओ अर्पित कपूर ने अधिवक्ताओं से बातचीत की लेकिन अधिवक्ता शांत नहीं हुए।
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इसके बाद अध्यक्ष और सचिव की अगुवाई में अधिवक्ताओं की एक बैठक हुई। बैठक में अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि दोनों अफसर अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हैं। विधिक कार्यों को भी करने में टालमटोल किया जाता है। शासन के निर्देश के बावजूद सीयूजी नंबर पर फोन रिसीव नहीं किया जाता। खुलेआम रिश्वत की मांग की जाती है।
अध्यक्ष और सचिव ने बताया कि एसडीएम और तहसीलदार के स्थानांतरण तक समस्त न्यायालय का बहिष्कार बहिष्कार किया जाएगा। साथ ही जमानत का कार्य भी अधिवक्ता नहीं करेंगे। कहा कि दोनों अफसरों के स्थानांतरण तक प्रतिदिन तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर धर्मेंद्र नाथ शुक्ल, ओमप्रकाश मिश्र, जगदंबा प्रसाद शुक्ला, चंद्रकेतु श्रीवास्तव, दयाशंकर शुक्ल, गिरजा शंकर शुक्ल, कैलाश शुक्ल, शैलेंद्र शुक्ल व बृजेश पांडेय समेत तहसील के समस्त समक्ष अधिवक्ता मौजूद रहे।
रजिस्ट्री ऑफिस में भी किया हंगामा
तहसील बार एसोसिएशन के सचिव उपेंद्र शुक्ल दोपहर बाद कुछ अधिवक्ताओं के साथ उप निबंधक कार्यालय पहुंचे। यहां बिचौलियों के माध्यम से धन उगाही किए जाने एवं भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए हंगामा काटा। आरोप लगाया कि लेनदेन कर गलत तरीके से बैनामा कराया जा रहा है और खारिज दाखिल दलालों के माध्यम से कराई जा रही है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने अधिवक्ताओं को शांत कराया।
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