गौरीगंज (अमेठी)। प्रदश सरकार की ओर से पावर कॉर्पोरेशन को निजी हाथों में देने की सुगबुगाहट से आक्रोशित बिजली कर्मियों व अफसरों ने सोमवार से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय में धरना देकर इस निर्णय को कर्मचारी व जनविरोधी बताया।
योगी सरकार ने पिछले दिनों पावर कॉर्पोरेशन के पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम को निजी हाथों में देने का निर्णय लिया है। सरकार का यह निर्णय सार्वजनिक होने के बाद पावर कॉर्पोरेशन के नियमित चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के साथ-साथ अफसरों में भी उबाल है। सरकार के इस निर्णय के विरोध में कर्मचारियों व इंजीनियर्स के सभी संगठनों ने संयुक्त संघर्ष समिति बनाकर सोमवार से कार्य बहिष्कार शुरू करने का ऐलान किया था।
उनके इस निर्णय को देखते हुए सोमवार को जिले में तैनात पावर कॉर्पोरेशन के नियमित सभी 158 कर्मियों (चतुर्थ श्रेणी कर्मी से लेकर अधीक्षण अभियंता तक) ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। धरने में वक्ताओं का कहना था कि यदि शासन ने अपना फैसला वापस न लिया तो वे आरपार की लड़ाई शुरू करने को विवश होंगे।
धरने में जिले के सभी जेई, एई व एक्सईएन भी मौजूद रहे। कार्य बहिष्कार को देखते हुए डीएम अरुण कुमार, एसपी दिनेश सिंह, सीडीओ डॉ. अंकुर लाठर, एडीएम वंदिता श्रीवास्तव व एएसपी दयाराम के अलावा सभी एसडीएम व सीओ जिले के उपकेंद्रों की दौड़ लगाते रहे।
यह कार्य हुए प्रभावित
अधिशाषी अभियंता, उप खंड अभियंता और जेई के साथ साथ विद्युत टेक्नीशियन के कार्य बहिष्कार पर जाने से नए कनेक्शन लेने, लोड बढ़वाने, स्टीमेट बनवाने व बिल संशोधन से जुड़े कार्य प्रभावित हुए। इसके लिए उपकेंद्र या अन्य दफ्तरों में पहुंचे उपभोक्ताओं को बैरंग लौटना पड़ा।
प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम
बिजली कर्मियों के कार्य बहिष्कार से बिजली सप्लाई व अन्य जरूरी सेवाएं बाधित न हों इसके लिए जिला प्रशासन ने उपकेंद्र वार अफसरों की तैनाती की थी। इसके अलावा कार्य बहिष्कार पर गए कर्मी जबरन आपूर्ति बाधित न कर सकें इसके लिए उपकेंद्रों पर पुलिस को भी लगाया गया था।