कार्यक्रम को संबांधित करते अयोध्या के मेयर।
अमेठी। भगवान परशुराम जयंती को लेकर शुक्रवार को अनुमति नहीं मिल पाने के कारण विभिन्न संगठनों की ओर से जुलूस नहीं निकल पाया तो वहीं निर्धारित स्थानों पर भी कार्यक्रम नहीं हो पाए। जिसके चलते कार्यक्रम संकट मोचन धाम, बाबा बालकदास कुटी पर हुआ।
मुख्य अतिथि मौजूद अयोध्या के महापौर एवं गुरु गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि भगवान परशुराम ने अततायियों का संहार किया था। टीकरमाफी आश्रम के हर्ष चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि भगवान परशुराम भगवान विष्णु के छठवें अवतार थे। उन्होंने धरती से असुरों का संहार किया और धर्म की स्थापना की। इस मौके पर जगदंबा प्रसाद मनीषी, गिरजा शंकर शुक्ल, अभिमन्यु उपाध्याय आदि मौजूद रहे। संवाद