बिजली लाइन की मरम्मत करते ऊर्जा निगम के कर्मचारी।
अमेठी सिटी। तीन दिन की बारिश रविवार को थम गई, लेकिन जिले में लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुईं। सुबह से बादल छाए रहे और धूप नहीं निकली। गांवों की गलियों और संपर्क मार्गों पर पानी व कीचड़ जमा रहा। खेतों में पानी भरने से धान की फसल गिर गई। बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम रही। कच्चे मकानों, पशुशालाओं और रोजमर्रा के कामकाज पर भी बारिश का असर बना हुआ है।
गौरीगंज के असैदापुर निवासी रामदीन ने बताया कि बारिश रुकने के बाद भी मुख्य गली में कीचड़ है और पैदल निकलने में फिसलने का डर बना है। बरनाटीकर की सुनीता देवी ने बताया कि घर के सामने पानी जमा होने से बच्चों को बाहर भेजना मुश्किल है। जामों के भोए गांव निवासी राजेश ने बताया कि संपर्क मार्ग के गड्ढों में पानी भर गया है। शाहगढ़ के बोहरखा गांव निवासी कमलेश ने बताया कि कई जगह सड़क किनारे की मिट्टी कट गई है और कीचड़ के कारण दोपहिया वाहन फिसल रहे हैं।
धान की फसल गिरने से बढ़ी चिंता
मुंशीगंज के सरायखेमा निवासी रामलाल ने बताया कि खेतों में पानी भरने से धान की फसल जमीन पर बिछ गई है। कई खेतों में पानी की निकासी नहीं हो रही है। किसानों को फसल खराब होने के साथ लागत डूबने की चिंता है।
बाजार में नहीं लौटी रौनक
गौरीगंज चौक बाजार के व्यापारी राकेश गुप्ता ने बताया कि बारिश के कारण दो दिन से ग्राहक कम पहुंचे। जलभराव और बादल छाए रहने से रविवार को भी बाजार में सामान्य चहल-पहल नहीं लौटी।
कच्चे मकानों में बढ़ी सीलन
नरौली निवासी वमीम ने बताया कि कच्ची दीवारों में नमी आ गई है। पशुशाला और घर में सीलन बढ़ने से परेशानी हो रही है। धूप न निकलने से कपड़े और जरूरी सामान भी नहीं सूख सके।
हल्की बारिश की संभावना
मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्र के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से छह डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 22 डिग्री रहा। अगले 24 घंटे में मध्यम बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है।
बिजली लाइन की मरम्मत करते ऊर्जा निगम के कर्मचारी।