अमेठी सिटी। रेल मार्ग के दोहरीकरण और विद्युतीकरण के बावजूद ट्रेनों की लेटलतीफी खत्म नहीं हो रही है। बुधवार को लखनऊ-प्रयागराज संगम पैसेंजर पांच घंटे की देरी से गौरीगंज स्टेशन पहुंची, जिससे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस ट्रेन से प्रयागराज संगम सहित अन्य स्थानों की यात्रा के लिए निकलने वाले यात्रियों को समय पर गंतव्य नहीं पहुंच पाने का मलाल रहा।
प्रयागराज संगम पैसेजर प्रतिदिन सुबह 9:17 बजे गौरीगंज पहुंचती है, लेकिन बुधवार को पांच घंटे देरी से दोपहर 2:02 बजे पहुंची। इस ट्रेन से प्रयागराज संगम सहित अन्य छोटे स्टेशन की यात्रा करने वाले यात्री गर्मी में छांव और पानी के लिए परेशान होते रहे। यात्री अशोक कुमार ने बताया कि ट्रेन लेट होने से अब प्रयागराज में उनका काम नहीं हो पाएगा। संगम स्नान के लिए आए रामआसरे तिवारी बोले कि इतनी देर हो गई कि अब न स्नान का समय बचा, न दर्शन का मन।
बुधवार को केवल संगम पैसेंजर ही नहीं, देहरादून-वाराणसी जनता एक्सप्रेस चार घंटे, अमृतसर-हावड़ा पंजाब मेल और उद्योगनगरी एक्सप्रेस एक-एक घंटे देरी से आई। काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, जनसाधारण एक्सप्रेस और नीलांचल एक्सप्रेस भी समय से नहीं पहुंच सकीं। गर्मी में ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों को स्टेशन पर पेयजल, छांव और बैठने की सुविधा की भी कमी खली। स्टेशन अधीक्षक प्रवीण सिंह ने बताया कि कुछ अपरिहार्य कारणों से ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। यात्रियों को समय-समय पर जानकारी दी गई।