अमेठी सिटी। निर्धारित रोस्टर के बावजूद बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय समेत जिले के अधिकांश शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था चरमरा गई। ट्रिपिंग, लोकल फॉल्ट और 33 केवी लाइन में ब्रेकडाउन के कारण कई उपकेंद्रों से छह से आठ घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। कहीं केबल जलने तो कहीं लाइन में फॉल्ट आने से आपूर्ति ठप रही। इससे उमसभरी गर्मी में लोगों को परेशानी हुई। कई स्थानों पर पेयजल संकट के साथ धान की रोपाई और सिंचाई का कार्य भी प्रभावित रहा।
गौरीगंज पावर हाउस से बुधवार शाम से ही बिजली की आवाजाही बनी रही। रात करीब आठ बजे आपूर्ति ठप होने के एक घंटे बाद बहाल हुई, लेकिन पूरी रात ट्रिपिंग जारी रही। बृहस्पतिवार सुबह भी शहर के कई इलाकों में बिजली गुल रहने से लोगों को पानी भरने और दैनिक कार्य निपटाने में दिक्कत हुई।
करपिया उपकेंद्र से रात में छह बार कटौती हुई, जिससे पांच घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति बाधित रही। दोपहर 2:40 बजे 33 केवी लाइन में ब्रेकडाउन होने के बाद देर शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। शुकुलपुर उपकेंद्र की बिजली रात 12:35 बजे ठप हुई और भोर 4:17 बजे बहाल हो सकी। जगदीशपुर उपकेंद्र से संचालित जगदीशपुर, थाना, हरिमऊ और वारिसगंज फीडरों की आपूर्ति देर रात से भोर तक तथा सुबह 8:10 से 10:10 बजे तक बाधित रही।
भादर, पनियार, मुसाफिरखाना, जामों, मऊ, बेनीपुर, अमेठी, जायस, तिलोई और सेमरौता उपकेंद्रों से जुड़े क्षेत्रों में भी रात और दिन मिलाकर करीब आठ घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। उपभोक्ताओं ने बताया कि बार-बार ट्रिपिंग और अघोषित कटौती से इनवर्टर जवाब दे गए, पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई और उमस के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
अधिशासी अभियंता अभिषेक कुमार ने बताया कि कंट्रोल के निर्देशों के अलावा स्थानीय स्तर पर कोई कटौती नहीं की जा रही है। लोकल फॉल्ट या लाइन में खराबी आने पर मरम्मत के लिए कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति रोकनी पड़ती है।
लो वोल्टेज से 10 हजार ग्रामीण परेशान
बाजारशुकुल। महोना उपकेंद्र से जुड़े किशनी गांव में लंबे समय से लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। इससे करीब 10 हजार की आबादी प्रभावित है। ग्रामीण अबरार अहमद, सोनू और शिवप्रसाद ने बताया कि बिजली आते ही वोल्टेज इतना कम हो जाता है कि पंखे, कूलर और अन्य उपकरण नहीं चल पाते। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका है।